रायपुर, 07 जुलाईं (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए अत्याधुनिक ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम लागू किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित यह प्रणाली जंगलों में आग लगने की घटनाओं की त्वरित पहचान कर संबंधित अधिकारियों को कुछ ही मिनटों में अलर्ट भेज रही है। इससे वनाग्नि पर समय रहते नियंत्रण संभव हो रहा है और राज्य की वन संपदा, वन्यजीवों तथा जैव विविधता की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।
5 से 10 मिनट में मिल रहा अलर्ट
पहले जंगलों में आग लगने की सूचना अधिकारियों तक पहुंचने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था, जिससे आग बड़े क्षेत्र में फैल जाती थी। नई स्वचालित प्रणाली के जरिए अब केवल 5 से 10 मिनट के भीतर संबंधित अधिकारियों को सूचना मिल जाती है, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है।
सैटेलाइट और एआई तकनीक से निगरानी
यह प्रणाली उपग्रह और आधुनिक तकनीक पर आधारित है। सैटेलाइट जंगलों में तापमान में होने वाले असामान्य बदलाव की पहचान करते हैं। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आग की पुष्टि होने पर वन मंडल, रेंज और बीट स्तर के अधिकारियों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से तुरंत अलर्ट भेजा जाता है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी दक्षता
वन विभाग ने इस सिस्टम को जीआईएस आधारित रियल टाइम डैशबोर्ड से जोड़ा है। अधिकारी वनाग्नि की घटनाओं पर लगातार नजर रखते हैं। सूचना मिलते ही फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करता है और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करता है। इससे भविष्य की रणनीति बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद मिलती है।
जनभागीदारी पर भी जोर
वन विभाग तकनीक के साथ-साथ जनजागरूकता को भी प्राथमिकता दे रहा है। हर वर्ष वनाग्नि सीजन से पहले फायर लाइन निर्माण, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं, ताकि आग लगने की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
वन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन संपदा की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका कहना है कि यह प्रणाली न केवल छत्तीसगढ़ के जंगलों की सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल साबित हो सकती है।
ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम आधुनिक तकनीक, त्वरित सूचना तंत्र और प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है, जिससे विकसित छत्तीसगढ़ और सुरक्षित पर्यावरण के लक्ष्य को नई गति मिल रही है।
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