०14 से 15 वर्ष के बालिकाओं से टीकाकरण लगाने की अपील
सुकमा,08 जुलाई (आरएनएस)। महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण को एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय माना गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी संक्रमण आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बन सकता है। समय पर लगाया गया एचपीवी वैक्सीन इस संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम कर भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाव प्रदान करता है।स्वास्थ्य विभाग ने 14 वर्ष से 15 वर्ष के बीच आयु वर्ग की बालिकाओं से एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में लगाया गया यह टीका अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है। यह वैक्सीन न केवल सर्वाइकल कैंसर से बचाव करती है, बल्कि एचपीवी संक्रमण की संभावना को भी कम करती है। विश्व स्तर पर इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता प्रमाणित हो चुकी है।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी बेटियों को निर्धारित समय पर एचपीवी वैक्सीन अवश्य दिलवाएं। समय पर टीकाकरण भविष्य में गंभीर बीमारियों, जटिल उपचार और अनावश्यक स्वास्थ्य खर्च से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता और समय पर टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
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