गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही,08 जुलाई (आरएनएस)। जिले के गौरेला विकासखंड के रानीझांप गांव में डेढ़ वर्षीय मासूम की कथित करंट लगने से हुई मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के करीब 40 दिन बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बच्चे के शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 की सुबह रानीझांप गांव निवासी योगेश कुमार राठौर का डेढ़ वर्षीय पुत्र पार्थ राठौर अपनी मां के साथ आंगनबाड़ी केंद्र गया था। पार्थ की मां वहां सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। बताया गया कि सुबह करीब 7 बजे योगेश अपनी पत्नी को आंगनबाड़ी छोड़कर पास में नहाने चले गए। इसी दौरान मासूम खेलते हुए रास्ते में लगे सोलर हैंडपंप के लोहे के स्टैंड के संपर्क में आ गया। परिजनों का आरोप है कि स्टैंड में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।मृतक के पिता योगेश राठौर ने स्थानीय पंचायत और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सोलर हैंडपंप की मोटर खराब होने के बाद कथित तौर पर बिना स्टार्टर लगाए सीधे सोलर स्टैंड से बिजली पंप जोड़ दिया गया था। इसके कारण पानी फैलने से लोहे के स्टैंड और आसपास के क्षेत्र में करंट प्रवाहित होने लगा। योगेश का दावा है कि बेटे को बचाने के दौरान उन्हें भी करंट लगा, लेकिन वे बच गए, जबकि मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।परिजनों के अनुसार, घटना के समय परिवार गहरे सदमे में था। इसी कारण पुलिस को सूचना दिए बिना और पोस्टमार्टम कराए बिना बच्चे का अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया था।बाद में शिकायत मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम किया, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद मृतक के पिता ने स्वयं दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। पेंड्रारोड एसडीएम से अनुमति मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में शव का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया गया।खोडरी चौकी प्रभारी सनत मात्रे ने बताया कि करीब 40 दिन बीत जाने के कारण शव काफी हद तक गल चुका था। पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।मृतक के पिता ने शव के अवशेषों की फोरेंसिक जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि शव के अत्यधिक गल जाने के कारण शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिल सके और केवल सिर की हड्डी के कुछ अवशेष ही प्राप्त हुए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
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