धमतरी, 09 जुलाई (आरएनएस)। धमतरी पुलिस को एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। नशीले कैप्सूल की अवैध बिक्री के मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी को 8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने इस सफलता का श्रेय वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुतिकरण को दिया है।
पुलिस के अनुसार, 17 जून 2023 को थाना कुरूद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चरमुडिय़ा पुल स्थित संगवारी ढाबा के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शेख फिरोज उर्फ फिज्जू (42 वर्ष), निवासी रिसाईपारा, धमतरी को मौके से गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से 72 पत्तों में कुल 576 नशीले कैप्सूल, बिक्री से प्राप्त 210 रुपये नकद सहित कुल 4,332 रुपये मूल्य का मशरूका जब्त किया गया था। आरोपी के विरुद्ध थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 413/2023 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) में मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान धमतरी पुलिस द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक एवं मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक (सउनि.) संतोषी नेताम ने अत्यंत सूक्ष्मता और पेशेवर ढंग से की थी। उनके द्वारा संकलित सशक्त साक्ष्यों के कारण न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी अनुसंधान के लिए सउनि. संतोषी नेताम को 500 रुपये के नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना अपराधियों को कठोर सजा दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले विवेचना अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।
धमतरी पुलिस ने कहा कि जिले में अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा प्रभावी अनुसंधान और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाने के प्रयास किए जाते रहेंगे।
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