9 जुलाई (आरएनएस )। बेरिया रोड स्थित निर्माणाधीन लेवड़ा पुल की धीमी निर्माण गति और नदी में पड़े पुराने पुल के मलबे को लेकर गुरुवार को इंद्रा कॉलोनी के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों स्थानीय निवासियों ने निर्माण स्थल पर प्रदर्शन कर प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले पुल निर्माण पूरा करने के दावे पूरी तरह विफल साबित हुए हैं, जिससे पूरी कॉलोनी बाढ़ के खतरे की जद में आ गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए पुल के निर्माण के दौरान पुराने पुल को तो तोड़ दिया गया, लेकिन उसका मलबा और ह्यूम पाइप अब तक नदी के बीच पड़े हैं।इससे नदी के पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि ठेकेदार ने लापरवाही बरतते हुए आबादी की ओर का बंधा और रास्ता भी काट दिया है। यदि लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी सीधे इंद्रा कॉलोनी में घुस सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि नदी में पड़े मलबे और ह्यूम पाइपों को तत्काल पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया जाए। साथ ही आबादी की ओर काटे गए रास्ते की मरम्मत कर सुरक्षा पुश्ता बनाया जाए, ताकि बस्ती को बाढ़ से बचाया जा सके। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण एजेंसी से पुल निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने की भी मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में मतलूब मसीह, सतीश तिवारी, वीर कली, कामना, गीता, नरेश, राज बाबू, मोहित, सोनू, अरुण, महिमा, वित्तोष, रोजलिन सहित इंद्रा कॉलोनी के कई निवासी मौजूद रहे।
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