सूर्यापेट 10 Jully (Rns): खून के रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठेगा। जिन हाथों का काम बच्चों की हिफाजत करना और उन्हें दुलारना होता है, उन्हीं हाथों ने दो मासूमों की जिंदगी नर्क बना दी। तेलंगाना के हुजूरनगर में एक निर्दयी दंपति ने अपनी निजी जिंदगी और ‘आजादी’ में रुकावट मानने पर अपने ही दो छोटे-छोटे बच्चों को ऐसी भयानक यातनाएं दीं, जो कोई दुश्मनों को भी न दे। घर की चारदीवारी के अंदर इन मासूमों को गर्म लोहे की रॉड, करछुल और सिगरेट से जलाकर अपना गुस्सा उतारा गया।
पड़ोसियों की सतर्कता से बची मासूमों की जान
इस बर्बरता का पर्दाफाश तब हुआ जब बच्चों के दर्द से चीखने-चिल्लाने की आवाजें लगातार पड़ोसियों तक पहुंचने लगीं। 43 वर्षीय ट्रक ड्राइवर नकिरीकांती रवि और उसकी पत्नी इंदु बंद दरवाजे के पीछे अपने पांच और दो साल के बच्चों पर बेतहाशा जुल्म ढा रहे थे। जब लोगों ने किसी तरह बच्चों को देखा तो उनकी रूह कांप गई। बच्चों के शरीर पर जलने और गहरे घाव के कई निशान थे, जबकि छोटे बच्चे की कलाई की हड्डी तक टूटी हुई थी। पड़ोसियों ने बिना कोई देरी किए तुरंत पुलिस को इस पूरी हैवानियत की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस, आईसीडीएस और चाइल्डलाइन की टीम मौके पर पहुंची और फौरन बच्चों को रेस्क्यू कर मेडिकल मदद के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पूछताछ में सामने आई रोंगटे खड़े कर देने वाली वजह
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद इन दरिंदे माता-पिता ने जो वजह बताई, वह किसी को भी हैरान कर देगी। दरअसल, रवि ने करीब एक दशक पहले अपनी पहली पत्नी से अलग होने के बाद इंदु से दूसरी शादी की थी। इंदु भी तलाकशुदा थी। इनमें से एक बच्चा रवि की पहली शादी का है, जबकि दूसरा बच्चा इंदु का है। पूछताछ में इस क्रूर जोड़े ने बेशर्मी से कबूल किया कि वे इन दोनों बच्चों को अपनी निजी जिंदगी और आजादी में सबसे बड़ी रुकावट मानते थे। इसी झुंझलाहट और गुस्से को निकालने के लिए वे रोज मासूमों के शरीर को गर्म चीजों से दागते थे। आईसीडीएस सुपरवाइजर सोमू निर्मला के मुताबिक, पूछताछ में यह साफ हुआ है कि यह खौफनाक सिलसिला एक या दो दिन का नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा था।
दरिंदे मां-बाप सलाखों के पीछे, बच्चे सुरक्षित बाल गृह में शिफ्ट
इस अमानवीय कृत्य के बाद सूर्यापेट पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस इस जोड़े को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके। वहीं, दोनों घायल बच्चों का अस्पताल में बेहतरीन इलाज सुनिश्चित किया गया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित तौर पर सूर्यापेट के सरकारी बाल गृह (चिल्ड्रन होम) में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है, ताकि इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

