विकासनगर,10 जुलाई(आरएनएस)। प्रदेश में सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से परफ्यूमरी एवं सुगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान सेलाकुई की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जनपद पिथौरागढ़ के सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को तिमूर के पौधे निशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। तिमूर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की एक महत्वपूर्ण औषधीय एवं सुगंधित प्रजाति है। इसके बीज और तेल की मांग फार्मास्यूटिकल, कॉस्मेटिक और परफ्यूम उद्योग में लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए डाबर इंडिया लिमिटेड और पारडी के बीच एमओयू किया गया है। डाबर इंडिया के प्रतिनिधि डॉ. पंकज रतूड़ी के अनुसार कंपनी की नर्सरी से करीब 20 हजार उच्च गुणवत्ता वाले तिमूर के पौधे पारडी को उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान ने 10 जुलाई 2026 से किसानों के खेतों तक पौधे पहुंचाने का अभियान शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, धारचूला, विण, कनालीछीना, डीडीहाट, गंगोलीहाट और मूनाकोट विकासखंडों में लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तिमूर की खेती कराई जाएगी। संस्थान के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान ने बताया कि योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ उच्च मूल्य वाली सुगंधित फसलों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में जंगली जानवरों की समस्या और पलायन जैसी चुनौतियों के बीच तिमूर की खेती किसानों के लिए बेहतर और सुरक्षित आजीविका का माध्यम बन सकती है।
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