हरिद्वार,10 जुलाई (आरएनएस)। गुरुवार को हुई मानसून की पहली तेज बारिश के बाद हरिद्वार शहर की कई प्रमुख सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन जगह-जगह उखड़ गईं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से गुजरना पड़ा, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुखी नदी से सप्तऋषि चेक पोस्ट तक हाईवे की सर्विस लेन की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को हर कदम पर सतर्कता बरतनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी पंकज शर्मा ने बताया कि सुखी नदी से सप्तऋषि चेक पोस्ट तक सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि रोज इस मार्ग से गुजरने के कारण कमर की डिस्क की समस्या और बढ़ गई है तथा सफर बेहद कष्टदायक हो गया है। भोमेश श्रीकुंज का कहना है कि पहली ही बारिश ने सड़क रखरखाव के दावों की हकीकत सामने ला दी है। शहर में जगह-जगह सड़कें उखड़ी और धंसी हुई दिखाई दे रही हैं। वाहन चलाते समय हर समय यह डर बना रहता है कि कहीं गड्ढे में वाहन फंसकर हादसा न हो जाए। वीरेंद्र चौहान ने बताया कि बारिश के बाद सड़कें जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। दोपहिया वाहन से सफर करना बेहद मुश्किल हो गया है और लगातार झटके लगने से कमर दर्द की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही कांवड़ मेला शुरू होने वाला है। ऐसे में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार आएंगे। यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं विपिन शर्मा ने कहा कि पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी से चलना पड़ रहा है। इससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ मेले से पहले शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों और हाईवे की सर्विस लेन के गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
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