हरिद्वार,11 जुलाई(आरएनएस)। साहित्य, कला और संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित लेखक गाँव की गतिविधियों से उत्तराखंड के साहित्यकारों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों को जोडऩे के उद्देश्य से शनिवार को ऑनलाइन विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान लेखक गांव उत्तराखंड परिवार समूह का गठन किया गया। साथ ही घोषणा की गई कि लेखक गांव में तृतीय अंतरराष्ट्रीय लेखक गांव साहित्य एवं कला-संस्कृति महोत्सव 25 से 27 अक्तूबर तक आयोजित होगा। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि लेखक गांव अब विश्वस्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है।उन्होंने बताया कि दुनिया के 100 से अधिक देशों के विद्वान और साहित्यकार लेखक गाँव की गतिविधियों से सीधे जुड़े हुए हैं। आगामी महोत्सव में देश-विदेश के साहित्यकारों, कलाकारों और संस्कृति से जुड़े विद्वानों की सहभागिता रहेगी। दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के साहित्यकार डॉ. वेद प्रकाश के आमंत्रण पर आयोजित गोष्ठी में उत्तराखंड के साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने लेखक गाँव की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी व जनसरोकारों से जोडऩे के लिए अपने सुझाव भी दिए। गोष्ठी का संयोजन हरिद्वार से ‘चेतना पथ’ के संपादक अरुण कुमार पाठक ने किया। इसमें हरिद्वार से डॉ. अशोक गिरि, डॉ. नीता नय्यर ‘निष्ठा’, डॉ. पुष्पा वर्मा, मीनाक्षी चावला, संतोष साहू, अधिवक्ता ललित मिगलानी, डॉ. रीना अग्रवाल, डॉ. विजयेन्द्र पालीवाल, डॉ. मीरा भारद्वाज, डॉ. मेनका त्रिपाठी, दीपक पंवार, सचिन पालीवाल और वृंदा वाणी सहित देहरादून, ऋषिकेश और कोटद्वार के अनेक साहित्यकारों ने भाग लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
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