कोलकाता,13 जुलाई(आरएनएस)। हिल्सा मछली पकडऩे के लिए गहरे समुद्र में गए 15 मछुआरों के लापता होने के दस दिन बाद, पश्चिम बंगाल के काकद्वीप के पास लापता नाव (ट्रॉलर) जय माँ काली का पता लगा लिया गया. नाव पानी में डूबी हुई हालत में मिली. खोज और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है. ट्रॉलर के अंदर से नौ शव बरामद किए गए हैं. बाकी 6 लापता मछुआरों का अभी भी पता नहीं है.
15 मछुआरे 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के शंकरपुर बीच से गहरे समुद्र में मछली पकडऩे के लिए निकले थे, जिसके बाद वे लापता हो गए थे. काफी खोजबीन के बाद भी अब तक 6 लापता मछुआरों का कोई पता नहीं चला है. लापता मछुआरों में ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई ब्लॉक के उलुडा गांव के तीन लोग शामिल हैं.
एक ही परिवार के तीन भाई – जयराम माझी, रवींद्र माझी और जगन्नाथ माझी – लापता लोगों में शामिल हैं. वे 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के शंकरपुर बीच से दूसरे मछुआरों के साथ ट्रॉलर में गहरे समुद्र में मछली पकडऩे के लिए निकले थे. 5 जुलाई के बाद ट्रॉलर से सारा कम्युनिकेशन टूट गया. इसके बाद से परिवारों में चिंता बढऩे लगी. पत्नियां, बच्चे, माता-पिता और रिश्तेदार हर दिन पोर्ट पर आते थे, अपने प्रियजनों के लौटने का इंतजार करते थे. जैसे-जैसे दिन बीतते गए, चिंता और बढ़ती गई.
समुद्र में बचाव अभियान अभी भी जारी है. अधिकारी और स्थानीय प्रशासन दूसरे लापता मछुआरों का पता लगाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. शनिवार से, सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य की लीडरशिप में बचाव अभियान तेज कर दिया गया. रामगंगा रेंज के जंगल के कर्मचारियों, सुंदरबन पुलिस और स्थानीय मछुआरों की मदद से, पलटे हुए ट्रॉलर को रविवार दोपहर को बाघेरचर इलाके में चुलकठी जंगल के पास ढूंढ लिया गया जो दक्षिण 24 परगना में बक्खाली के तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर है.
इसके बाद खराब ट्रॉलर को दूसरे ट्रॉलर की मदद से गोबरधनपुर, पाथरप्रतिमा में सीतारामपुर घाट ले जाया गया. शाम ढलने के बाद घाट पर पहुंचते ही जहाज के अंदर की तलाशी शुरू कर दी गई. रात होने तक, इंजन के पास फंसे एक मछुआरे की लाश बरामद की गई. बाद में जब ट्रॉलर के अंदर जमा पानी को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ, तो एक के बाद एक और लाशें निकाली गईं. शुरू में पाँच लाशें मिलीं, उसके बाद चार और मिलीं, जिससे मरने वालों की कुल संख्या नौ हो गई.
प्रशासन को डर है कि ट्रॉलर के अंदर या दुर्घटनास्थल के आस-पास अभी और शवा हो सकते हैं. इसलिए, जहाज के हर हिस्से की अच्छी तरह से जाँच की जा रही है. इस बीच, छह लापता मछुआरों को ढूँढऩे के लिए कोस्ट गार्ड, फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट और सुंदरबन पुलिस का एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन चल रहा है.
बताया गया है कि लापता लोगों में से दो ओडिशा के रहने वाले हैं, जबकि बाकी मुख्य रूप से पूर्वी मेदिनीपुर के शंकरपुर और आस-पास के इलाकों के रहने वाले हैं. जैसे ही ट्रॉलर के मिलने की खबर फैली, लापता लोगों के रिश्तेदार शंकरपुर, फ्ऱेजऱगंज और सीतारामपुर में जमा हो गए. बरामद लाशों की पहचान करने की कोशिशें चल रही हैं. कई परिवार अभी भी इस उम्मीद में इंतज़ार कर रहे हैं कि उनके अपने किसी तरह मिल जाएं.
सुंदरबन डेवलपमेंट मिनिस्टर दीपांकर जाना ने कहा, राज्य सरकार मारे गए मछुआरों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी, और प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी. साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से अपील की है कि वे प्रभावित परिवारों को मुआवज़े के चेक जल्द से जल्द देने का इंतजाम करें.
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