० मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, एनसीडी, महामारी नियंत्रण एवं आयुष्मान योजनाओं की विस्तृत समीक्षा, अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
कोरिया, 13 जुलाई (आरएनएस)। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्वास्थ्य मिशन एवं जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, उच्च जोखिम गर्भावस्था, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), पोषण पुनर्वास केन्द्र, आयुष्मान भारत योजनाओं, महामारी नियंत्रण एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों एवं कार्यक्रमों की प्रगति का प्रस्तुतिकरण भी किया गया।
बैठक में कलेक्टर यादव ने कहा कि बैैकुंठपुर आकांक्षी विकासखंड होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी सभी आकांक्षी सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार लाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, पोषण एवं अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांच एवं हाई रिस्क प्रेगनेंसी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं एवं आवश्यक उपचार पहुंचना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
टीकाकरण कार्यक्रम (यू-विन) की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मैदानी स्तर पर कार्य होने के बावजूद कई स्थानों पर पोर्टल में समय पर डेटा प्रविष्टि नहीं की जा रही है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की लंबित डेटा एंट्री एक सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाए, जिससे वास्तविक प्रगति परिलक्षित हो सके।
बैठक में राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज स्क्रीनिंग में विशेष प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों की स्क्रीनिंग कर निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलोअप एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए।
बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने संभावित मौसमी बीमारियों एवं महामारी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप दिखाई देने पर गठित रैपिड रिस्पॉन्स (कॉम्बैट) टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करे तथा बिना विलंब जिला स्तर पर सूचना उपलब्ध कराए।
कम जन्म वजन एवं मृत जन्म लेने के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मितानिनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पोषण, नियमित जांच, परामर्श एवं उच्च जोखिम गर्भावस्था की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे कम जन्म वजन एवं मृत जन्म की घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
पोषण पुनर्वास केन्द्र की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर एवं सोनहत स्थित एनआरसी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर पूर्व से रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम जन्म वजन एवं गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें बिना विलंब एनआरसी में भर्ती कराया जाए, ताकि आवश्यक उपचार एवं पोषण सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
कलेक्टर ने जननी सुरक्षा योजना एवं जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत हितग्राहियों को देय भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए तथा नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
आयुष्मान भारत वय वंदन योजना की समीक्षा के दौरान अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जो पात्र हितग्राही अभी भी योजना से वंचित हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों के प्रति संवेदनशील, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार अपनाया जाए। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की पहचान केवल बेहतर उपचार से नहीं, बल्कि संवेदनशील सेवा, जवाबदेही और जनविश्वास से भी बनती है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री असरफ अंसारी, समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, बीईटीओ, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आरबीएसके दल प्रभारी, सेक्टर पर्यवेक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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