वाशिंगटन,14 जुलाई। अमेरिका ने ईरान में करीब 5 घंटे तक लगातार बमबारी की है। इस दौरान बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ये लगातार तीसरा दिन है, जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज की सुरक्षा करेंगा और बदले में जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क वसूला जाएगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि ईरान पर हमलों का ताजा दौर पूरा हो गया। करीब 5 घंटे चले अभियान में बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।
अमेरिका ने कहा कि इस दौरान ईरान के तटीय रक्षा तंत्र, मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने बंदर अब्बास स्थित पनडुब्बी और नौसैनिक मरम्मत सुविधा पर भी हमला किया।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन के अल जुफैर अड्डे पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है।
आईआरजीसी ने कहा कि हमलों में बेस पर स्थित ईंधन डिपो में आग लग गई और एक पैट्रियट रडार, एयर कंट्रोल रडार, एक सी-रैम अर्ली वार्निंग सिस्टम और मानवरहित सतही जहाजों के नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र नष्ट हो गए। आईआरजीसी ने कहा कि जवाबी कार्रवाई जारी है।
ट्रंप ने कहा, सभी देशों को होर्मुज का निष्पक्ष और खुला उपयोग करने की अनुमति होगी। अब से अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक कहा जाएगा और निष्पक्षता के आधार पर इस संवेदनशील समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने में होने वाले सभी खर्चों की भरपाई के लिए यहां से भेजे जाने वाले हर कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति बिलकुल सही हैं। जो भी होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग प्रदान करता है, उसे इस सेवा के लिए मुआवजा मिलना चाहिए। ईरान हमेशा से इस जलडमरूमध्य का संरक्षक रहा है और हमेशा रहेगा।
उन्होंने ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शुल्क की राशि पर निशाना साधते हुए कहा, 20 प्रतिशत तो निश्चित रूप से बहुत ज्यादा है। हम निष्पक्ष रहेंगे।
००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

