लंदन,14 जुलाई। ब्रिटेन की सरकार ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) समेत 2 समूह को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि वह ईरानी सेना की प्रमुख शाखा आईआरजीसी को समर्थन देने पर प्रतिबंध लगाएगा और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट (आईएमसीआर) को भी प्रतिबंध करेगा। ब्रिटेन में प्रतिबंध लागू होने से इन समूहों को समर्थन देना प्रभावी रूप से गैरकानूनी माना जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की सरकार ने बताया कि कई धमकियों के बाद, जिनमें ईरान इंटरनेशनल टेलीविजन के 2 पत्रकारों की हत्या की साजिश और ब्रिटिश ठिकानों पर साइबर हमले शामिल हैं, वह आईआरजीसी पर प्रतिबंध लगा रही है।
वहीं, आईएमसीआर पर ब्रिटेन में यहूदी ठिकानों पर हमलों की एक श्रृंखला का आरोप लगाया गया है।
सरकार रूसी सैन्य खुफिया की एक अंतरराष्ट्रीय शाखा, रूसी फेडरेशन वॉलंटियर कोर (जीआरयू) पर भी प्रतिबंध लगाने की भी तैयारी कर रही है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक बयान में कहा कि इन नई शक्तियों से ब्रिटेन में अपने घिनौने काम करने वाले किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा चलाना और उसे जेल में डालना आसान हो जाएगा।
इसका उद्देश्य संगठन को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को बाधित करना है। कानून का उल्लंघन करने पर 14 साल तक कैद और जुर्माना हो सकता है।
फैसले से ब्रिटेन-ईरान के संबंधों में खटास आएगी। तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को निष्कासित किया जा सकता है।
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