० स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर विपक्ष ने किया जोरदार विरोध, स्पीकर ने पहले किया निलंबित फिर वापस लिया फैसला
रायपुर, 15 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मामला जोर-शोर से गूंजा। इस मुद्दे पर विपक्ष के 35 विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी थी। शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, विधायक उमेश पटेल, देवेंद्र यादव समेत कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बरसात के मौसम में लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक निवास के नाम पर की गई कार्रवाई से सरकार की छवि धूमिल हुई है और प्रभावित परिवारों के समुचित पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए।
विपक्ष ने इस महत्वपूर्ण विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। स्पीकर के निर्देश पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी में की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार थी। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है तथा उन्हें आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
सरकार का जवाब सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और इस विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज विपक्ष के सभी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गए।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सभी सदस्यों को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया। हालांकि, कुछ ही देर बाद अध्यक्ष ने निलंबन का आदेश वापस ले लिया, जिसके बाद विपक्ष के विधायक पुन: सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर दिनभर राजनीतिक गर्माहट बनी रही।
त्रिपाठी
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