रायपुर, 15 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रभावित परिवारों ने राजभवन तक 14 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
पदयात्रा के दौरान वीआईपी चौक, वीआईपी रोड और तेलीबांधा इलाके में यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आंदोलन के बीच कांग्रेस नेताओं और प्रभावित परिवारों ने सड़क पर बैठकर दोपहर का भोजन किया और फिर राजभवन की ओर कूच जारी रखा।
मेक इन इंडिया चौक के पास पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाए। वहीं महिलाओं ने ‘नकटी में ही घर बनाओÓ के नारे लगाते हुए कहा कि जब तक राज्यपाल से मुलाकात नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। इसमें पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, अनिला भेडिय़ा और प्रमोद दुबे शामिल हैं।
दरअसल, 29 जून को प्रशासन ने नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई करते हुए कई मकानों को ध्वस्त कर दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित परिवारों को बिना पुनर्वास के बेघर कर दिया गया। कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने कहा कि जब तक विस्थापितों को नकटी गांव में ही दोबारा आवास नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सोमवार को राजीव भवन में वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन की रणनीति तैयार की थी।
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