जांजगीर-चांपा, 16 जुलाई (आरएनएस)। जांजगीर-चांपा पुलिस की पहल पर थाना बलौदा क्षेत्र के आदतन निगरानी बदमाश संग्राम सिंह रात्रे निवासी खिसोरा को एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया गया है। जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर के आदेश के अनुसार अब उस पर जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा और बलौदाबाजार जिलों की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस के अनुसार संग्राम सिंह रात्रे के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी, चोरी सहित विभिन्न धाराओं में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उसके विरुद्ध 2 प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। लगातार आपराधिक गतिविधियों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने के कारण उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लोगों से मारपीट, विवाद, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उसकी दबंग छवि के कारण कई लोग उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से भी कतराते थे। पुलिस का मानना था कि उसके क्षेत्र में रहने से संज्ञेय अपराध और शांति भंग होने की आशंका बनी रहती है।
इसी आधार पर पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा ने विस्तृत प्रतिवेदन जिला दंडाधिकारी को भेजा था। प्रतिवेदन पर विचार करने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत कार्रवाई करते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने संग्राम सिंह रात्रे को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
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