० जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक में कलेक्टर के निर्देश; गोवंश संरक्षण, सड़क सुरक्षा और गौधामों की आधारभूत सुविधाओं पर विशेष विमर्श
कोरिया, 16 जुलाईं (आरएनएस)। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कलेक्टर रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, एडीएम सुरेन्द्र वैद्य, अपर कलेक्टर डी.डी. मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य गौधाम की जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष रेवा यादव, पशुधन विकास विभाग के अधिकारी तथा गौधाम समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले के गौधामों के प्रभावी संचालन, गोवंश संरक्षण, सड़क सुरक्षा तथा गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने कहा कि गौधामों में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, पशु शेड, छायादार व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण एवं वित्तीय प्रबंधन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।
घुमंतू मवेशियों को गौधामों में किया जाएगा विस्थापित
बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़कों पर विचरण करने वाले घुमंतू पशुओं को चरणबद्ध तरीके से गौधामों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रथम चरण में बैकुंठपुर, सोनहत, चेरवापारा, खोडरी, रनई (नगर पंचायत पटना) और कटगोड़ी के गौधामों में मवेशियों को रखने की व्यवस्था की जाएगी।
13 गौधामों में मिलेगी सुरक्षित शरण
बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में बैकुंठपुर विकासखंड में 10 तथा सोनहत विकासखंड में 3 गौधाम पंजीकृत हैं। इन गौधामों में निराश्रित एवं घुमंतू गोवंश के लिए पशु शेड, सुरक्षित बाड़ा, स्वच्छ पेयजल, विद्युत और चारागाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही खोडरी, चेरवापारा, रनई और चरचा-जूनापारा में भी आवारा मवेशियों को रखने की व्यवस्था की गई है।
फेंसिंग, शेड और पेयजल की व्यवस्था होगी मजबूत
कलेक्टर ने जनपद पंचायत बैकुंठपुर को चेरवापारा गौधाम में प्राथमिक स्तर पर फेंसिंग, शेड और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाएं शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। नगर पालिका और जनपद पंचायतों को ग्राम पंचायतों के माध्यम से मुनादी कराकर घुमंतू पशुओं को गौधामों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
टीकाकरण, टैगिंग और रेडियम बेल्ट लगाने के निर्देश
पशुधन विकास विभाग को गौधामों में मवेशियों की नियमित टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, टैगिंग, रेडियम बेल्ट एवं हॉर्न टेप लगाने के निर्देश दिए गए। स्थायी चरवाहों की नियुक्ति तक वैकल्पिक रूप से चरवाहों की व्यवस्था कर घुमंतू पशुओं को सुरक्षित गौधामों तक पहुंचाने और उनके भोजन व देखभाल की जिम्मेदारी भी विभाग को सौंपी गई।
पशुपालकों से अपील
कलेक्टर रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर और जिला गौधाम समिति के अध्यक्ष रेवा यादव ने पशुपालकों से अपने मवेशियों को घरों में बांधकर रखने तथा उन्हें सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुला नहीं छोडऩे की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और जन-धन तथा पशुधन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
साथ ही पशुपालन विभाग, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को सड़कों से मवेशियों को हटाने तथा लोगों को लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
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