रायपुर, 17 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन और अन्य निर्माण विभागों के ठेकेदारों के करीब ?2,200 करोड़ के लंबित भुगतान को लेकर शुक्रवार को नवा रायपुर में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों ठेकेदार विधानसभा घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने विधानसभा मार्ग पर बैरिकेडिंग कर उन्हें पहले ही रोक दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज ठेकेदार सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अर्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने शासन पर भुगतान में देरी, भ्रष्टाचार और अफसरशाही का आरोप लगाया।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि पीएचई, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न निर्माण विभागों में 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के बिल लंबे समय से लंबित हैं। कई ठेकेदार डेढ़ से दो साल से भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एग्रीमेंट के अनुसार कार्य पूरा होने के बावजूद रनिंग और पार्ट पेमेंट नहीं किया जा रहा है। इससे ठेकेदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि आर्थिक और मानसिक दबाव के कारण कुछ ठेकेदार आत्मघाती कदम उठाने तक मजबूर हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें लंबित और आगामी बिलों के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट जारी करना, एग्रीमेंट के अनुसार रनिंग एवं पार्ट पेमेंट शुरू करना तथा भुगतान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसके लिए दो दिन बाद संगठन की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
०
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

