० हाई रिस्क प्रेगनेंसी महिलाओं के गृहभेंट, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी और सेल्फ आधार पर दिया गया विशेष फोकस
रायपुर, 17 जुलाईं (आरएनएस)। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ली महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य एवं क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में हाई रिस्क प्रेगनेंसी एचआरपी महिलाओं के गृहभेंट पर विशेष जोर दिया गया। सीईओ ने निर्देशित किया कि एचआरपी महिलाओं के घरों का भ्रमण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम एवं मितानिन द्वारा संयुक्त रूप से किया जाए। गृहभेंट के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक परामर्श देकर समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी में संदर्भित बच्चों के संबंध में अभिभावकों की समुचित काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए। उन्हें यह स्पष्ट किया जाए कि उपचार एवं पोषण प्रबंधन हेतु बच्चों को लगभग 15 दिनों तक एनआरसी में रहना अनिवार्य है।
जिले में कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि आगामी माह तक कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में सेल्फ आधार की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर निर्धारित लक्ष्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रथम तिमाही में जन्मे बच्चों की जानकारी लेते हुए सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जन्म पंजीयन, टीकाकरण, पोषण सेवाओं एवं अन्य विभागीय योजनाओं से शत-प्रतिशत बच्चों को लाभान्वित किया जाए।
बैठक के समापन में जिला पंचायत सीईओ ने बिश्वरंजन ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर, सभी परियोजना अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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