मुंबई 18 Jully (Rns) । महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित एकीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यदि शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बनना चाहता है, तो पहले एनसीपी के दोनों धड़ों का विलय होना आवश्यक माना जा रहा है। हालांकि, शरद पवार गुट के नेताओं ने एनडीए में शामिल होने की अटकलों से इनकार किया है।
=भाजपा का संकेत, पहले हो एनसीपी का एकीकरण=
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का मानना है कि शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट पहले आपसी मतभेद समाप्त कर एक राजनीतिक दल के रूप में सामने आएं। इसके बाद ही एनडीए में संभावित साझेदारी पर विचार किया जा सकता है। भाजपा फिलहाल किसी एक गुट को अलग से गठबंधन में शामिल करने के पक्ष में नहीं है।
=2023 में हुआ था एनसीपी का विभाजन=
जुलाई 2023 में अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग होकर भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को मूल एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया, जबकि शरद पवार का गुट एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नाम से सक्रिय है।
=केंद्र में प्रतिनिधित्व की मांग=
महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी एनसीपी ने केंद्र सरकार में भी प्रतिनिधित्व की इच्छा जताई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि भविष्य में केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होता है तो एनसीपी को भी उसमें स्थान मिलना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अधिकार क्षेत्र में होगा।
=परिसीमन विधेयक के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल=
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और नए परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे में एनसीपी (एसपी) के सांसदों का रुख सरकार के लिए अहम हो सकता है।
=सुप्रिया सुले ने अटकलों को किया खारिज=
एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के एनडीए में शामिल होने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि परिसीमन जैसे मुद्दों पर अंतिम फैसला विपक्षी गठबंधन INDIA के साथ चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
=जयंत पाटिल ने भी दी सफाई=
एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हुई मुलाकातों को केवल स्थानीय प्रशासनिक मामलों से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक बातचीत या दलों के विलय पर चर्चा नहीं हुई।
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन सभी प्रमुख दलों की ओर से औपचारिक तौर पर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की पुष्टि नहीं की गई है

