बिलासपुर, 18 जुलाई (आरएनएस)। न्यायालय परिसर में शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने और हंगामा करने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 15 नवंबर 2025 को थाना तखतपुर के अपराध क्रमांक 645/2025 के एक आरोपी को अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रकरण में न्यायिक रिमांड के लिए विशेष न्यायालय (एट्रोसिटी), बिलासपुर में पेश किया गया था।
इसी दौरान अमृतदास डहरिया और उसके अन्य साथियों ने न्यायालय परिसर में एकराय होकर आरोपी के पक्ष में हंगामा किया। आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, शासकीय एवं न्यायालयीन कार्य में बाधा पहुंचाई, अभद्र व्यवहार और अश्लील गाली-गलौज की। साथ ही आरोपी को बाहर निकालने की मांग करते हुए जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
घटना की लिखित शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन, बिलासपुर में प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 191(2), 221, 132, 296 एवं 351(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अमृतदास डहरिया (28 वर्ष), निवासी बेलसरी, थाना तखतपुर, जिला बिलासपुर को 18 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य और न्यायालयीन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने तथा कानून-व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी विधिसम्मत और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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