रायपुर,18 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 172 करोड़ रुपये के शराब ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने 20 जुलाई तक दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी।
जांच एजेंसी अब रिमांड के दौरान त्रिपाठी से कथित घोटाले, भुगतान प्रक्रिया, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और कमीशन नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ करेगी। ईओडब्ल्यू- एसीबी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(बी) और 8 के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है।
172 करोड़ के भुगतान में अनियमितता का आरोप
जांच के मुताबिक वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, अतिरिक्त कार्य दिवस, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कमीशन के रूप में सिंडिकेट के माध्यम से अर्जित किया गया।
ईडी की कार्रवाई के बाद खुला मामला
इस मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद हुई थी। 29 नवंबर 2023 को ईडी ने रायपुर में तीन लोगों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू- एसीबी ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जो बाद में एफआईआर और विस्तृत जांच तक पहुंची।
पहले ही दाखिल हो चुका है चार्जशीट
ईओडब्ल्यू- एसीबी अधिकारियों के अनुसार इस मामले में पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया जा चुका है। अब अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित भुगतान प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका रही।
डिजिटल रिकॉर्ड और लेनदेन की होगी जांच
रिमांड के दौरान जांच एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और भुगतान से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आने की संभावना है और जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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