उत्तरकाशी,21 जुलाई (आरएनएस )। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रतिभागियों के चिह्नीकरण में हो रही देरी को लेकर चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति, रवांई-यमुना घाटी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर 31 जुलाई तक चिह्नीकरण की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर एक अगस्त से आंदोलन की चेतावनी दी।समिति का कहना है कि जिला चिह्नीकरण सलाहकार समिति की 27 दिसंबर 2021 की बैठक में 46 राज्य आंदोलनकारियों के जीडी व अन्य अभिलेखों के आधार पर सहमति बनने के बावजूद अंतिम रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई। इसके बाद 30 सितंबर 2023 की बैठक में भी कई आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण पर सहमति बनी जबकि 9 अप्रैल 2025 को आवेदकों से सुझाव लेने के लिए बैठक आयोजित की गई।
आरोप है कि 20 मई 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला चिह्नीकरण समिति की बैठक में 56 मामलों पर शासन के मानकों के अनुरूप निर्णय होने के बाद भी रिपोर्ट लंबित है। समिति ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में बार-बार बैठकें होने के बावजूद प्रक्रिया पूरी न होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। ज्ञापन पर समिति के अध्यक्ष पृथ्वीराज कपूर, गंगाघाटी अध्यक्ष मदन लाल, कन्हैया सिंह, राम सिंह चौहान के हस्ताक्षर हैं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

