कवर्धा, 23 जुलाई (आरएनएस)। कबीरधाम पुलिस ने महज सात दिनों के भीतर एक अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने ही दोस्त की पत्थर से हत्या कर उसकी मोटरसाइकिल लेकर फरार होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना पत्थर, आरोपी के कपड़े और मृतक की बाइक भी बरामद कर ली है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में थाना बोड़ला और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर जांच शुरू की गई। बाद में मृतक की पहचान उदय प्रताप सिंह राजपूत (34 वर्ष) निवासी लवकुश नगर, जामुल (जिला दुर्ग) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और सीने पर ठोस एवं भोथरी वस्तु से गंभीर चोट के कारण हत्या की पुष्टि होने पर थाना बोड़ला में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों और अन्य गवाहों से पूछताछ की तथा टोल प्लाजा और भोरमदेव क्षेत्र के 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि मृतक आखिरी बार अपने मित्र हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट (45 वर्ष) निवासी जामुल, जिला दुर्ग के साथ मोटरसाइकिल पर देखा गया था।
संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 14 जुलाई को वह मृतक को शराब पीने और घूमने के बहाने भोरमदेव-चिल्फी घाटी की ओर ले गया था। रास्ते में बाइक से गिरने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में उसने ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास पत्थर से मृतक के सिर और सीने पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी और शव वहीं छोड़कर मृतक की मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया।
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल बरामद की। साथ ही आरोपी से घटनास्थल का डेमो कराकर उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पुलिस ने आरोपी को 22 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में थाना प्रभारी बोड़ला निरीक्षक रूपक शर्मा, उपनिरीक्षक लक्ष्मीकांत शुक्ला, साइबर टीम तथा थाना जामुल (दुर्ग) की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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