दतिया 9 नवंबर (आरएनएस)। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई से दतिया में एक प्रसूता की जान बचाई गई। यह उदाहरण प्रशासनिक संवेदनशीलता और स्वास्थ्य तंत्र की तत्परता का सशक्त प्रतीक बना।
01 नवम्बर को ग्राम कुठौंदा निवासी 24 वर्षीय रुखसाना पत्नी अनीश खान को प्रसव पीड़ा की शिकायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ लाया गया। जांच में चिकित्सकों ने पाया कि मरीज के प्लेटलेट्स का स्तर अत्यंत कम है, जो प्रसव के दौरान गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को जिला अस्पताल दतिया रेफर किया।
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक समन्वय और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशानुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई और जिला अस्पताल में प्रसूता का उपचार शुरू किया गया। दोबारा जांच में प्लेटलेट्स का स्तर अत्यंत कम पाया गया, जिसके बाद चिकित्सकों ने तत्काल प्लेटलेट्स चढ़ाने की प्रक्रिया प्रारंभ की और चिकित्सकीय निगरानी में सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराया।
कलेक्टर वानखडे ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर उपचार और समन्वय से एक जीवन बचाना हमारे स्वास्थ्य तंत्र की दक्षता और जिम्मेदारी का प्रमाण है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद को समय पर उपचार और सुरक्षित मातृत्व सेवाएं मिलें।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से प्रसूता एवं नवजात दोनों स्वस्थ हैं। यह घटना जिले में प्रभावी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का प्रेरक उदाहरण बनी है।


















