पेशावर ,10 नवंबर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (ञ्जञ्जक्क) ने एक बार फिर पाकिस्तानी सेना को बड़ा जख्म दिया है। बन्नू जिले की मिरयान तहसील में शनिवार सुबह टीटीपी के आतंकियों ने सेना के एक काफिले पर घात लगाकर (एंबुश) हमला कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने पहले आईईडी (ढ्ढश्वष्ठ) विस्फोट किया और उसके बाद काफिले पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घातक हमले में कम से कम 10 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमले में सेना का एक वाहन पूरी तरह तबाह हो गया है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला सुबह के समय हुआ जब सेना का काफिला अफगानिस्तान सीमा के नजदीक से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि टीटीपी के 15 से 20 हथियारबंद आतंकियों ने सड़क किनारे छिपकर इस वारदात को अंजाम दिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि विस्फोट की आवाज मीलों दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
पाकिस्तानी सेना की प्रचार शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
यह हमला टीटीपी की बढ़ती आक्रामकता को दर्शाता है। इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही टीटीपी आतंकियों ने खैबर पख्तूनख्वा में एक पाकिस्तानी सेना की चौकी पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिक डरकर मौके से भाग निकले थे।
इससे पहले सितंबर में वजीरिस्तान में इसी तरह के हमले में 12 सैनिक शहीद हुए थे। 2025 में अब तक खैबर पख्तूनख्वा में 605 से अधिक आतंकी घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, टीटीपी ने पिछले साल 1,081 मौतों का कारण बना।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जंग में कोई ढील नहीं दी जाएगी।” उन्होंने एक बार फिर अफगानिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी सरजमीं का दुरुपयोग रोके।
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