भोपाल 10 नवंबर (आरएनएस)।छात्रों और युवाओं को तंबाकू के दुष्परिणामों से जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत सोमवार को शासकीय विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां कर छात्रों को तम्बाकू से दूर रहने की शपथ दिलवाई गई। साथ ही स्वास्थ्य संस्थाओं के नजदीक लॉ इनफोर्समेंट गतिविधियां की गईं।शैक्षणिक संस्थाओं के 100 गज के दायरे में पीली लाइन खींचकर तम्बाकू मुक्त परिसर घोषित किया गया।
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक स्कूल से ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है जो तंबाकू का उपयोग करने वाले छात्रों पर नजर रखेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की परामर्शदाता द्वारा तंबाकू उत्पाद के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई।
भारत में तंबाकू का उपयोग सबसे ज्यादा बीमारियों और मौतों का एक प्रमुख कारण है। भारत में प्रतिवर्ष 13 लाख से ज़्यादा मौतें तंबाकू की वजह से हो रही है।ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे 2019 के अनुसार भारत में 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.4त्न और प्रदेश में 3.9 प्रतिशत छात्र तंबाकू उपयोग करते हैं ।
इस समस्या के समाधान हेतु भारत सरकार द्वारा तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 चलाया जा रहा है। 9 अक्टूबर से संचालित 60 दिवसीय अभियान का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थाओं को तंबाकू मुक्त करना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू के खिलाफ जागरूकता,कोटपा एक्ट के तहत तंबाकू खाने वालों पर दंडात्मक कार्यवाही, तंबाकू के दुष्परिणाम दिखाकर तंबाकू छुड़वाने के बारे में बताया जा रहा है।
अभियान में एन एस एस, एन सी सी वॉलेंटियर की कार्यशाला, तम्बाकू छोडऩे के इच्छुक लोगों को परामर्श सेवाएं, शैक्षणिक संस्थाओं के 100 गज के क्षेत्र को तंबाकू मुक्त क्षेत्र चिह्नित करने हेतु सामुदायिक अभियान, स्कूलों एवं कॉलेज में प्रश्नोत्तरी एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ.मनीष शर्मा ने बताया कि युवाओं में तंबाकू मुक्त जीवन शैली को बढ़ावा देना सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है। जयप्रकाश जिला चिकित्सालय में संचालित तम्बाकू व्यसन मुक्ति केंद्र से परामर्श लेकर इस व्यसन को आसानी से छोड़ा जा सकता है।

