भोपाल।(आरएनएस)।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष जी, राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में जनजातीय संकुल विकास परियोजना पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का उदघाटन कर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2021 में जनजातीय गौरव दिवस की शुरूआत मध्यप्रदेश से शुरू हुई थी। 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे प्रदेशभर में मनाई जाएगी। अंग्रेजों के खिलाफ सन् 1857 के आंदोलन से पहले जनजातीय समाज ने जंगलों में अंग्रेजों के दमनकारी कार्यों का विरोध कर आंदोलन शुरू कर दिया था। हमारा इतिहास जनजातीय सूरवीरों और वीर महापुरूषों के गौरवशाली इतिहास से भरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जनतातीय समाज के विकास और उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल, केन्द्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, सावित्री ठाकुर, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद समीर उरांव, प्रदेश महामंत्री व सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यशाला के अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सहित संपूर्ण देश के जनजातीय समाज ने अंग्रजों के खिलाफ ऐसा चरणबद्ध आंदोलन किया, जिससे अंग्रेजों की जड़ें हिल गईं। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ जंगल से जो आंदोलन शुरू किया, वह अद्वितीय रहा है और आज भी हम सभी के लिए वह प्रेरणा देने का कार्य कर रहा है कि किस प्रकार से अपने देश के लिए जनजातीय समाज के वीर महामुरूषों ने अपना बलिदान दे दिया। मध्यप्रदेश की रानी दुर्गावती इतनी पराक्रमी रही कि 52 युद्ध लड़ें और सभी में विजयी हुईं। वह अपने जीवनकाल में कभी दुश्मनों के हाथ नहीं हारीं। यह हमारा बहुत बड़ा गौरवशाली पक्ष है कि मध्यप्रदेश के अनेक जनजातीय महावीरों, महापुरूषों ने आजादी के आंदोलन में अपना बलिदान दिया है। रानी दुर्गावती के शौय गाथा को मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने पाठ्यक्रम में शामिल कर उन्हें लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने रानी दुर्गावती की 300वीं जयंती को मनाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार बनने के बाद हमने पहली कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के सम्मान में जबलपुर में की। रानी दुर्गावती की पुरानी राजधानी संग्रामपुर में भी कैबिनेट की बैठक कर सम्मान देने का कार्य किया है। रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सहित सभी जनजातीय नायकों एवं महापुरूषों के शौर्य, पराक्रम को भाजपा सरकार सम्मान देने का कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत को जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। भगवान बिरसा बहुत बड़े समाज सुधारक थे। भगवान बिरसा मुंडा ने देश के लिए जितना किया, उतना करने की कल्पना नहीं की जा सकती। शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह सहित तमाम जनजातीय महापुरूषों, महानायकों के कार्य व बलिदान हमी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को पूरे मध्यप्रदेश में मनाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार जनजातीय समाज के विकास और उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने पेसा एक्ट लागू करके जनजातीय समाज को उनके अधिकार लौटाए हैं और उन्हें मजबूत बनाया है। पेसा एक्ट सच्चे अर्थों में जल, जंगल, जमीन का प्रहरी बना है और ग्राम सभाएं मजबूत हुईं हैं। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए बजट में 47,296 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति के लिए 32,633 करोड़ रुपए का प्रावधान किए गए हैं। जनजनतीय समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 3000 रु. प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 हजार रुपए किया गया है। 1069 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियां गठित की गईं, जिसमें 41 लाख संग्राहक हैं, जिन्हें लाभ मिल रहा है। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 2 लाख 89 हजार व्यक्तिगत और 28754 सामुदायिक दावे मान्य कर प्रधानमंत्री आवास, कपिल धारा, डीजल पंप, पीएम किसान सम्मान निधि, केसीसी आदि योजनाओं का लाभ जनजनतीय समाज को दिया गया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जनजाती समाज के लिए चलाई जा रही योजनाओं में मध्यप्रदेश अग्रणी है। पीएम जनमन योजनांतर्गत 98 करोड़ 30 लाख और धरती आबा योजनांतर्गत 401 करोड़ 56 लाख से अधिक के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 21 जिलों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट और 20 जिलों में 126 वन-धन केंद्र स्थापित किए गए हैं। मध्यप्रदेश में पीएम जन-मन योजना अंतर्गत 83 पीवीजीटी वन-धन केंद्र स्वीकृत हैं। 18,338 अविद्युतीकृत पीवीटीजी घरों के विद्युतीकरण के लिए करीब 78 करोड़ 94 लाख रु. की कार्ययोजना स्वीकृत करने के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 1 हेक्टेयर तक के भूमिधारकों को 5 हॉर्सपावर तक के विद्युत पंप उपयोग पर नि:शुल्क विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क किताबें, नि:शुल्क गणवेश और नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 40 लाख से अधिक छात्रों को 1 हजार 566 करोड़ रूपये छात्रवृत्ति दी गई है। 1,288 एससी और 1,031 एसटी विद्यार्थियों को 12,000 रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। नीट, क्लैट, जी प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग भी दी जा रही है। आईआईटी, एआईआईएमएस, नित, एनएलआईयू आदि में प्रवेश लेने पर 50000 रुपए तक प्रोत्साहन राशि देने के साथ कक्षा के.जी. 1 से कक्षा 12वीं तक छात्रों के लिए सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को निजी कोचिंग संस्थानों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये फीस, भोजन और आवास की व्यवस्था की है। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ स्व-रोजगार से जोडऩे कौशल प्रशिक्षण के साथ कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पिछले 4 वर्षों में 9,065 आदिवासी युवाओं को स्वरोजगार व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगभग 418.67 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। स्किल्स पार्क में वर्ष 2025 में 1100 प्रशिक्षणार्थियों का प्रवेश हुआ है। जिनमें अनुसूचित जाति वर्ग के 212 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 115 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। सिकलसेल हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में लागू। अभियान में अब तक 1.17 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ बैगा, सहारिया और भारिया जनजाति की महिलाओं के लिए वरदान बनी आहार अनुदान योजना। प्रतिमाह बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह भाजपा सरकार प्रदान कर रही है। एट्रोसिटी एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन के साथ कमजोर वर्गों के विरुद्ध अपराधों पर नियंत्रण का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 151वीं जयंती पर 1 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक पूरे मध्यप्रदेश में विशेष स्मृति आयोजन हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी ग्राम पंचायत से लेकर राजधानी स्तर तक भव्य और गरिमापूर्ण विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी। जबलपुर और अलीराजपुर में भव्य कार्यक्रम होंगे। आयोजन के दौरान प्रदेश में महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन, शिलान्यास, हितग्राही मूलक योजनाओं का हितलाभ वितरण आदि कार्यक्रम किए जाएंगे। कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन एवं धरती आबा अभियान तथा योजनातंर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन, स्वास्थ्य जागरूकता व स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन, विकासखंड स्तर पर रैली एवं यात्राएं निकालने के साथ जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों, महानायकों पर जिला स्तरीय संगोष्ठियां और सम्मेलन, जनजातीय खेल, क्राफ्ट, व्यंजन, लोककला, सफलता की कहानी, लोकनृत्यों पर आधारित मेलों का आयोजन किए जाएंगे। जनजातीय युवाओं का सम्मान, स्व-सहायता समूहों का सम्मेलन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, लोक कलाओं का आयोजन, जनजातीय संस्कृति एवं जनजातीय कल्याण के कार्यों का प्रचार-प्रसार एवं मंडला में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा सम्मेलन, अलीराजपुर में भगोरिया महोत्सव, छिंदवाड़ा में भारिया सम्मेलन, पातालपानी में टंट्या मामा बलिदान दिवस और सतना में माता शबरी जयंती सम्मेलन जैसे आयोजनों की भी योजना बनाई गई है।
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में 11 नवंबर से 15 नवंबर तक प्रदेश के 24 जिलों के 47 विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके एवं सावित्री ठाकुर ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में रैली रथ को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री विजय शाह, संपतियां उइके, प्रदेश महामंत्री व सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, लता वानखेड़े, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

