देहरादून,10 नवंबर (आरएनएस)। प्रदेशभर के उपनल कर्मचारियों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रदेशभर से देहरादून में जुटे उपनल कर्मचारियों ने दिनभर परेड ग्राउंड के बाहर धरना दिया। शासन स्तर पर शाम को वार्ता की पेशकश रखी गई, हालांकि कर्मचारी अपनी मांग पर अडिग हैं। वहीं, हड़ताल की वजह से सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विभिन्न विभागों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। सोमवार सुबह दस बजे से ही उपनल कर्मचारी परेड ग्राउंड में जुटने लगे थे। उन्होंने कनक चौक के पास सड़क घेरकर तंबू भी लगा दिया था, जिसे पुलिस ने हटा दिया। बावजूद इसके प्रदेशभर से पहुंचे उपनल कर्मचारी सड़क पर ही बैठ गए। इससे परेड ग्राउंड के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ा गई। हालांकि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने सचिवालय कूच जैसा कोई कदम यहां नहीं उठाया। प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने बताया कि इस बारे में आम सहमति से निर्णय लिया जाएगा। हम सिर्फ चेतावनी देने सड़कों पर उतरे हैं। हम चाहते हैं कि सरकारी कोर्ट के फैसले के अनुसार नियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू करे। मुख्यमंत्री इसकी घोषणा कर चुके हैं। जरूरत पड़ी तो सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास कूच भी करेंगे। प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद ने कहा कि सात महीने पहले शासन स्तर पर समिति गठित की गई थी, आज तक समिति यह तय नहीं कर पाई है कि नियमितिकरण किस तरह से किया जाएगा। वह कर्मचारियों को सिर्फ उलझा रही है। यहां प्रदर्शन की वजह से स्वास्थ्य, बिजली, राजस्व विभाग, कारागार समेत विभिन्न विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। हालांकि शाम तक शासन स्तर पर वार्ता की पेशकश पर कर्मचारी उम्मीद के साथ धरने में डटे रहे। उपनल कर्मचारी महासंघ ने कहा कि यह अनिश्चितकालीन आंदोलन है। सभी काम छोड़कर आंदोलन में शामिल हो गए हैं। इस मौके पर उपनल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट, प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मीना रौथाण, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप सिंह चौहान, देहरादून जिला अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कार्यकारी अध्यक्ष अजय देव, महामंत्री रमेश डोभाल, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के विभाग अध्यक्ष सागर ध्यानी, उपनल संयुक्त मोर्चे के संयोजक हरीश कोठारी, बिमला देवी, जयंती सिंह, अजय डबराल, रमेश डोभाल, अशोक कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
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