जौनपुर 11 नवंबर (आरएनएस )। रबी की बुआई के लिए किसान डीएपी खाद की कमी से जूझ रहे हैं। गेहूं और सरसों की बोआई प्रभावित हो रही है। खेतों में नमी सूखने लगा है। जनपद में स्थिति यह है की कहीं डीएपी खाद 29 अगस्त से नहीं आई है तो कहीं दस दिन से किसान चक्कर काट रहे हैं। जहां खाद है भी वहां सचिव मनमाने तरीके से खाद की बिक्री कर रहे हैं, जो पड़ताल में सोमवार को सामने आई। गोठाव में बोरी पर निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक सचिव लेते नजर आए। यहां खाद लेने के लिए किसान तीन-तीन घंटे कतार में खड़े नजर आए। बरसठी क्षेत्र की गोठाव समिति पर किसानों से 30 रुपये अतिरिक्त वसूला जा रहा हैं। किसान श्रीकांत शुक्ला, सुशील सिंह, प्रदीप,महिंदर और सुरेश ने बताया कि पहले तो उन्हें सदस्यता शुल्क के रूप में 250 रुपये जमा करने पड़े।उसके बाद 1380 रुपये में डीएपी खरीद की जा रही हैं। जबकि डीएपी 1350 रुपये ही अंकित है। इस तरह कुल 1630 रुपये देने के बाद भी उन्हें 2 से 3 घंटे लाइन में लगने के बाद डाई प्राप्त हो रही है।शाहगंज क्षेत्र की विभिन्न समितियों पर डाई न मिलने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं। इमरानगंज पीसीएफ समिति के गोदाम प्रभारी अवधेश मिश्रा ने बताया कि बीते 29 अगस्त से डाई की आपूर्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही डाई आएगी, किसानों को वितरण शुरू कर दिया जाएगा। मछलीशहर ब्लाक के साधन सहकारी समिति रामपुर खुर्द, रामपुर चौथार, चितांव में दस दिन से डीएपी खाद नहीं है। इसके कारण किसान बाजार से डीएपी खाद महंगे दर पर खरीदने के लिए मजबूर हैं। बदलापुर के घनश्यामपुर, गुलरा, तियरा, फत्तूपुर आदि समितियों पर मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं है। एडीओ को ऑपरेटिव नागेंद्र प्रसाद ने बताया कि डीएपी उपलब्ध है, लेकिन किसानों की भीड़ के चलते बांटने में परेशानी हो रही।सुइथाकलां रू साधन सहकारी समिति अर्सिया, शेषपुर, अमारी, सरायमोहिउद्दीनपुर में खाद के लिए किसान परेशान हैं। समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है।
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