एक सप्ताह बाद भी पुलिस खाली हाथ
पुलिस टीम की कार्यशैली पर उठे सवाल
बस्ती1 मई (आरएनएस)। काली मंदिर में हुई वेशकीमती मुकुट चोरी की घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। चादी के मुकुट और आभूषणों की चोरी का पर्दाफाश न होने से स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है। अब पुलिस की कार्यशैली और सक्रियता पर भी गंभीर सवालिया निशान लगने लगे हैं। इसी मामले में एक बेगुनाह किसान की लाकप में लाकर पिटाई करने के मामले में थाने का एक सिपाही निलंबित किया जा चुका है। बीते सप्ताह अज्ञात चोरों ने मरवट गांव स्थित काली मंदिर को अपना निशाना बनाया था। चोरों ने मंदिर के गर्भगृह का ताला तोड़कर माता की प्रतिमा पर सुशोभित बेशकीमती चांदी के धातु का मुकुट और अन्य कीमती सामान पार कर दिया था। शनिवार 25 अप्रैल की सुबह जब गांव के श्रद्धालु पूजा-पाठ करने मंदिर पहुंचे, तब घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौका मुआयना किया था और जल्द पर्दाफाश का आश्वासन दिया था।
जांच में नहीं मिली कोई बड़ी सफलता
घटना के सात दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी पुलिस को अब तक कोई बड़ी लीड नहीं मिली है।
श्रद्धालुओं में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल
मंदिर में हुई इस चोरी ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय निवासियों व श्रद्धालुओं का कहना है कि क्षेत्र में गश्त कम होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। एक सप्ताह का समय बीत जाना और पुलिस द्वारा कोई सुराग न लगा पाना निराशाजनक है। यह न केवल आस्था का विषय है बल्कि हमारी सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है।
इस संबंध में सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह का कहना है कि पुलिस की कई टीमें इस मामले पर काम कर रही हैं। जल्द ही मामले का अनावरण कर लिया जाएगा।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

