ऋषिकेश,12 नवंबर (आरएनएस)। परमार्थ निकेतन में दस दिवसीय निशुल्क मोतियाबिंद चिकित्सा शिविर का समापन बुधवार को हुआ। शिविर में एक हजार लोगों ने आंखों की जांच करवाई। शिविर में कुल 264 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन निशुल्क किया गया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सेवा ही साधना है। जब हम किसी की दृष्टि लौटाते हैं, तो केवल उसकी आंखें नहीं, उसका विश्वास, उसका भविष्य और उसकी आशा लौटाते हैं। जो व्यक्ति सेवा करता है, वह ईश्वर का कार्य करता है। ऐसे शिविर विश्व बंधुत्व और मानव एकता के सशक्त उदाहरण हैं। यहां चिकित्सा के माध्यम से प्रेम, शांति और करुणा का संदेश दिया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया से आयी चिकित्सक डॉ. पूर्णिमा राय ने कहा कि मां गंगा के तट पर सेवा का यह अवसर मिलना उनके जीवन का सबसे पवित्र और अविस्मरणीय अनुभव हैं। वे विगत 20 वर्षों से लगातार नवम्बर में भारत आकर मां गंगा के पावन तट पर अपनी सेवायें दें रही हैं। उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, बिजनौर, नजीबाबाद, शामली, सहारनपुर आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए मरीजों को नि:शुल्क विजन टेस्टिंग, दवाइयां, आवास, भोजन और मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा प्रदान की गई। मौके पर डॉ. मनोज पटेल, डॉ. पूर्णिमा राय, डॉ. योगा, डॉ. विवेक जैन, डॉ. संपथ, डॉ. अश्विनी सुहासराव, डॉ. इरीना, डॉ. साई सुश्रुथा पेरुरी, डॉ. पारुल देसाई, डॉ. सतीश देसाई, डॉ. कलई, डॉ. आनंद चंद्रशेखरन, डॉ. विजयलक्ष्मी वद्रेवी, डॉ. भट्ट, डॉ. नीलिमा गांधम, डॉ. जया माधुरी, डॉ. रोजी आहूजा, जय, गुरु प्रसाद, अशीष, कुलवंत, प्रेमराज, प्रेम, डॉ. राठी, डॉ. एसपी मिश्रा, करुणा, आध्या, राकेश रोशन, प्रभा गौरव आदि उपस्थित रहे।
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