दतिया 12 नवंबर (आरएनएस)।कलेक्टर स्वप्निल वानखडे के निर्देशानुसार डॉ. बी.के. वर्मा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीके वर्मा ने अरविन्द उपाध्याय जिला महिला बाल विकास अधिकारी दतिया के साथ मातृ एवं शिशु सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा निगरानी को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उनाव में एक बैठक ली। इस बैठक में डॉ. राहुल चउदा मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी विकासखण्ड उनाव एवं डॉ. सत्यम यादव संस्था प्रभारी, पीएचसी उनाव, योगेन्द्र सिंह बीपीएम, कीर्ति चौहान बीसीएम के साथ ही उनाव एवं कामद सेक्टर की समस्त सीएचओ, एएनएम, सुपरवाईजर, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहीं।
बैठक के दौरान प्रसव केन्द्रों पर होने वाले प्रसव की संख्या में वृद्धि करने, गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु स्वास्थ्य केन्द्रों पर लाने, एमसीपी/टीकाकरण कार्ड में प्रसव केन्द्र के नाम का स्पष्ट उल्लेख करने के साथ ही एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं के मोबाइल नंबर का साफ-साफ उल्लेख करने, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच गर्भवती महिला के प्रसव के दौरान आपसी समन्वय बनाने और समय रहते स्वास्थ्य केन्द्र तक लाने जैसे 11 बिन्दुओं पर पर चर्चा की गई।
सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने कहा कि, ‘आप सभी का दायित्व है क्षेत्र में गर्भवती हुई महिलाओं का जानकारी रखते हुए प्रसव के दिनों में विशेष देख-रेख की जाए। समय पर एमसीपी कार्ड में आवश्यक जानकारी स्पष्ट शब्दों एवं अंकों में भरी जाए। इतना ही नहीं प्रसव के लिए समय रहते प्रसूता को निकटतम शासकीय डिलीवरी पॉइंट पर लेकर जाये। जिससे मातृ एवं शिशु को सुरक्षित माहौल मिल सके। इस बीच उन्होंने उनाव, कामद सेक्टर के समस्त कर्मचारियों को आगामी माह में पीएचसी उनाव पर प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिला महिला बाल विकास अधिकारी उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि, ”आज की बैठक के 15 दिवस पश्चात् कलेक्टर महोदय आपके क्षेत्र के ग्रामों में भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे गर्भवती महिलाओं के घर-घर जाकर एमसीपी कार्ड का परीक्षण करेंगे। जानकारी पूर्ण ना होने/गलत होने की दशा में संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। इसलिए समय रहते अपने-अपने क्षेत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सजग रहकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र से प्रति माह कुपोशित बच्चों को चिन्हित कर निकटतम एनआरसी में भर्ती करायें। आप सभी इस बात पर भी जोर दे कि आपके क्षेत्र में यदि ऐसे बच्चे हैं जो कुपोषण के शिकार हैं तो उन्हें तुरंत ही एनआरसी में भर्ती करायें। इतना ही नहीं जिंक और मल्टीविटामिन की गोलियां सभी बच्चों को दिलवाना सुनिश्चित करें। क्षेत्र में भ्रमण के दौरान और आंगनबाड़ी केन्द्रों में पहुंचने वाले बच्चों का बजन, लंबाई का लगातार परीक्षण करते रहे।
सीबीएमओ डॉ. चउदा द्वारा सभी सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं को श्रीमान् कलेक्टर महोदय के निर्देश के संबंध में जानकारी दी गई कि यदि कोई गर्भवती महिला की डिलेवरी घर पर या जरयाई होती है तो संबंधित पर प्रति डिलेवरी पहली गलती पर 500 रूपये और द्वितीय गलती पर 5 हजार रूपए आरकेएस में जमा करने की कार्यवाही की जावेगी। यदि पुन: गलती पाई जाती है तो संबंधितों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।

