अजय दीक्षित
तत्कालीन बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और 1951 के जन्मे 74 वर्षीय राजनेता नीतीश कुमार ने 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद 20 वर्षों में बिहार की तकदीर और तस्वीर बदलदी है उन्होंने बिहार का जंगल राज समाप्त कर दिया है।2025 का बिहार विधानसभा चुनाव राजग उनके नेतृत्व में ही लडऱहा है । 6 नवम्बर को 121 सीटों पर वोट डाले जा चुके हैं। दूसरे और अंतिम चरण के मत शेष 121 स्थानों पर 11नवम्बर को डाले जाएंगे।
नीतीश कुमार की राजनीति पर नजर डाले उन्होंने 1996 का चुनाव लोकसभा का लड़ा। नालंदा जिले से आने वाले नीतीश कुमार पर कभी भी कोई आरोप नहीं लगा है।वे मप्र के कैलाश जोशी है ।
नीतीश कुमार को नजदीक से जानने वाले कहते हैं कि उन्होंने राजनीति में रहते कभी परिवार के लोगों को सत्ता का लाभ नहीं दिया न ही उन्होंने किसी उद्योगपति, ठेकेदार, नौकरशाह, मंत्री को नियम से बाहर फायदा पहुंचाया।
एक बार 2000 के विधानसभा चुनावों में वे इस बात के लिए परेशान थे कि चुनाव का खर्च किस प्रकार मैनेज किया जाए। तत्कालीन समय में प्रमोद महाजन ने उनकी इस समस्या को दूर किया था। नीतीश कुमार के पिता रामलखन सिंह जय प्रकाश नारायण के निजी सचिव थे। लेकिन उनकी इच्छा थी नीतीश कुमार पड़ लिख कर नौकरी करें क्योंकि उनको परिवार चलाने में दिक्कत होती थी। नीतीश कुमार ने भी उनकी इच्छा का सम्मान कर राज्य बिजली विभाग में सहायक अभियंता की नौकरी कर ली। लेकिन उनका मन राजनीति में रमता था।वे बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र संघ के दो बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए। नीतीश कुमार की पत्नी को हमेशा यह शिकायत रही कि समय पर उपस्थित नहीं रहते थे।
राजनीतिक दल के रूप वे जॉर्ज फर्नांडिस के अनुयायियों में थे । समता पार्टी उन्होंने शरद यादव के साथ मिलकर बनाई।
शरद यादव से मतभेद के चलते उन्होंने जनता दल यूनाइटेड बनाया और आज भी वे उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
कुर्मी समुदाय से आने वाले नीतिश कुमार ने राजनीति का को पहले जय प्रकाश नारायण, फिर चंद्रशेखर से समझा ।
बिहार की जाति परख राजनीति में उन्होंने नया तबका खड़ा किया जिसे अब अति पिछड़ी जाति कहते हैं जिसमें धोबी, कुम्हार, निषाद, पासवान, धानुक,कोइरी,जाटव ,आदि जातियां आती हैं।उनको भारतीय जनता पार्टी का संग खूब पसंद है और दो बार विमुक्त होने के बाबजूद फिर से 2023 में राजग में बापिस आ गए।
नीतीश कुमार 2005 में मुख्यमंत्री बन गए थे तब से अब तक मुख्यमंत्री है।भारत वर्ष सबसे अधिक 9 बार मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके हैं।2005 से पहले अटल बिहारी वाजपेई सरकार में केंद्रीय कृषि,रेल, और खाद्य ब उर्वरक मंत्री भी रह चुके हैं। लालू प्रसाद यादव जब मुख्यमंत्री थे तब बिहार की परिस्थितियों बहुत खराब थी एक तरह से जंगल राज ही था। पूरे बिहार लूट, हत्या, अराजकता का माहौल था। नीतीश कुमार ने कम से कम जंगलराज तो समाप्त कर दिया।
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