डॉ नीतू कुमारी नवगीत
बिहार की भूमि लोकतंत्र की जन्मदात्री है। ऐतिहासिक साक्ष्यों से साबित हुआ है कि बिहार के वैशाली में ही लोकतंत्र के प्रथम सफल प्रयोग हुए। बिहार राजनीतिक रूप से एक जागरूक राज्य भी है। लोकतंत्र के भाग्य विधाता मतदाताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शानदार भागीदारी निभाते हुए इस बात की पुष्टि की है कि क्यों देश में बिहार को राजनीतिक रूप से जागरूक और प्रतिनिधि राज्य माना जाता है।
चुनाव आयोग द्वारा जो अनंतिम आंकड़े जारी किए गए हैं उसके अनुसार इस बार के चुनाव में 66.91 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बिहार के 73 सालों के चुनावी इतिहास में पहली बार राज्य के मतदाताओं ने इतनी बम्पर वोटिंग की है।इससे पहले वर्ष 2000 में 62.57 प्रतिशत मतदान हुआ था । बिहार की महिलाएं लगातार बढ़त बनाई हुई हैं । इस बार भी महिलाओं ने पुरुषों से लगभग 8.8 प्रतिशत अधिक मतदान किया है ।
भारत निर्वाचन आयोग ने इसको विशेष मतदाता पुनरीक्षण और व्यापक जन भागीदारी सहित सभी सम्बंधित पदाधिकारी और जनजागरूकता से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया है ।
भारतीय संविधान लागू होने के उपरांत मतदाताओं की भागीदारी के आधार पर यह बिहार का सबसे सफल चुनाव रहा। महिला मतदाताओं का जोश पुरुष मतदाताओं से भी अधिक रहा। दूसरे चरण के मतदान में 74त्न से भी अधिक महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जबकि मात्र 65त्न पुरुषों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोनों चरणों के मतदान के दौरान महिलाओं की भागीदारी अधिक रही। कुल मिलाकर जहां 65.08 प्रतिशत पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया वहीं 68.76 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई। बिहार की महिलाओं की यह सजगता काबिले तारीफ है। चुनाव आयोग के मतदाता जागरूकता अभियान की स्वीप आइकॉन के रूप में जहां कहीं भी मैं मतदाताओं की मतदान की जरूरत के संबंध में बताने गई, रिस्पांस बहुत अच्छा रहा। बिहार के लोग चुनाव को लेकर उत्साहित रहते हैं। इस बार मतदाताओं ने चुनाव को उत्सव के रूप में मनाया। लोक आस्था के महान पर्व छठ के ठीक बाद हुए चुनाव में मतदाताओं ने वैसे ही बढ़-कर कर भाग लिया जैसे अपने लोकोत्सव को मनाया। मतदान प्रक्रिया में इतनी अच्छी भागीदारी लोकतंत्र की जीत है, बिहार की जीत है। चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपादित करने में 8.5 लाख से अधिक कर्मचारियों, 1.4 लाख से अधिक पोलिंग एजेंट, 243 जनरल ऑब्जर्वर, 38 पुलिस ऑब्जर्वर, 67 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर ने भी अपनी भूमिका निभाई। सभी अपनी शानदार भूमिका के लिए बधाई के पात्र हैं।
इस चुनाव की प्रक्रिया को देखने और समझने के लिए दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलिपींस, बेल्जियम और कोलंबिया के 16 प्रतिनिधि भी आए जिन्होंने बिहार में हुए इस शानदार चुनाव और जनता के उत्साह को देखा, समझा और महसूस किया।वस्तुत: लोकतंत्र का महापर्व चुनाव ही है। पिछले कुछ चुनाव में जनता की कम भागीदारी चिंता का विषय रहा है लेकिन इस बार बिहार के मतदाताओं ने नई राह दिखाई है। अपार उत्साह और रिकॉर्ड वोटिंग के साथ उन्होंने संदेश दे दिया है कि लोकतंत्र में उनकी गहरी आस्था है। आगे का काम जनप्रतिनिधियों का होगा। चुनावी प्रक्रिया में जिन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए विधानसभा में जाने का मौका मिलेगा, उन सब को जनता के विश्वास पर खड़ा उतरना होगा। अपनी भूमिका सशक्त तरीके से निभानी होगी ताकि जनता का भरोसा न सिर्फ उन पर बना रहे, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी बना रहे। जय लोकतंत्र जय बिहार की जनता । (डॉ नीतू कुमारी नवगीत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पटना जिला में निर्वाचन आयोग की मतदाता जागरूकता अभियान स्वीप आइकॉन रही। वह बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका हैं।)
(लेखिका स्वीप आइकॉन, निर्वाचन आयोग हैं)
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