बिलासपुर, 13 नवम्बर (आरएनएस)। जिले में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 12 नवंबर को धर्मांतरण के दो अलग-अलग मामले सामने आए, जिन पर हिंदूवादी संगठनों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि एसईसीएल में कार्यरत एक ड्राइवर लोगों को हिंदू धर्म छोडऩे के लिए उकसा रहा था। पुलिस ने इस मामले में ड्राइवर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पहला मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के वसंत विहार कॉलोनी का है। बताया जा रहा है कि यहां एसईसीएल के ड्राइवर राजेंद्र खरे के घर में प्रार्थना सभा चल रही थी, जहां कुछ महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि सभा में हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं और लोगों का मानसिक रूप से धर्म परिवर्तन के लिए ब्रेनवॉश किया जा रहा था। जानकारी मिलते ही संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वहां से कई लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया। दूसरा मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र के कुकुर्दीखुर्द गांव का है। यहां भी एक मकान में प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू महिलाओं और बच्चों को धर्मांतरण के लिए बरगलाने का आरोप लगा है। दोनों घटनाओं में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।
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