नई दिल्ली 13 Nov, (Rns) : राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। इसी को देखते हुए ग्रेप (GRAP) चरण-तीन लागू किया गया है, लेकिन इसके नियमों को प्रभावी ढंग से लागू कराने में जिम्मेदार एजेंसियां नाकाम दिखाई दे रही हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह सात बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 407 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। राजधानी के कई क्षेत्रों में एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास घनी जहरीली धुंध छाई रही। सीपीसीबी के अनुसार, इस क्षेत्र का एक्यूआई ‘बेहद खराब’ श्रेणी में 396 दर्ज किया गया।
Delhi-NCR faces respiratory distress, with toxic air for the third consecutive day; AQI exceeds 450 in many areas : दरियागंज में एक्यूआई 455, आनंद विहार में 431, अलीपुर में 418, बुराड़ी में 433, बवाना में 460, चांदनी चौक में 456, द्वारका में 401, आईटीओ में 438 और जहांगीरपुरी में 447 दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली से सटे शहरों में नोएडा का एक्यूआई 366, गाजियाबाद का 409 और गुरुग्राम का 388 रहा। इससे पहले, बुधवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 418 था। लगातार दूसरे दिन दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित शहर बनी रही, जबकि नोएडा दूसरे स्थान पर रहा।
राजधानी के कई इलाकों में कूड़े में आग लगाना, खुले में निर्माण सामग्री रखना, निजी निर्माण कार्य और कोयले पर चलने वाले तंदूरों का इस्तेमाल आम बात बन गई है। नॉन-कन्फर्मिंग इलाकों में औद्योगिक इकाइयों में डीजल जेनरेटर भी चालू हैं। टूटी सड़कों, धूल भरे फुटपाथों और जगह-जगह पड़े मलबे ने हालात को और बिगाड़ दिया है।

