वॉश्ंिागटन ,13 नवंबर। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट के बाद दुनिया भर की नजरें भारत पर टिकी हैं। भारत सरकार ने इस धमाके को आतंकी हमला करार दिया है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इसे एक स्पष्ट आतंकवादी घटना बताया है और जांच में भारत के पेशेवर रवैये की सराहना की है।
रुबियो ने कहा, भारतीय जांच एजेंसियों की सराहना की जानी चाहिए। वे इस जांच को बहुत सोच-समझकर, सावधानीपूर्वक और पेशेवर तरीके से अंजाम दे रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी हमला था। विस्फोटक पदार्थों से भरी एक कार में धमाका हुआ, जिसमें कई लोग मारे गए।
उन्होंने आगे कहा कि भारत इस मामले की जांच बेहद गंभीरता और दक्षता से कर रहा है। जब जांच पूरी हो जाएगी, तो वे सभी तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे। हमने मदद की पेशकश की है, लेकिन भारत इस तरह की जांच करने में पूरी तरह सक्षम है और उसे हमारी मदद की आवश्यकता नहीं है, रुबियो ने कहा।
जी-7 बैठक में जयशंकर से हुई मुलाकात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो की मुलाकात कनाडा के नियाग्रा में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। इस दौरान रुबियो ने दिल्ली विस्फोट में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।
सफेदपोश नेटवर्क से जुड़े तार
प्रारंभिक जांच में एजेंसियों को विस्फोट के पीछे सफेदपोश आतंकी नेटवर्क के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, इस हमले के तार पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (छ्वद्गरू) और अंसार गज़़वत-उल-हिंद (्रत्र॥) जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।
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