0 जिला स्तरीय ई-ऑफिस प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
जशपुरनगर, 13 नवंबर (आरएनएस)। डिजिटल प्रशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कलेक्टोरेट कार्यालय के मंत्रणा मीटिंग हॉल में जिला स्तरीय ई-ऑफिस एवं स्क्क्रक्रक्रह्रङ्ख प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में अपर कलेक्टर एवं ई-ऑफिस के नोडल अधिकारी प्रदीप कुमार साहू, सामान्य प्रशासन विभाग रायपुर से मास्टर ट्रेनर विनोद देवांगन, रवि निषाद तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी नरेश कुमार साहू, संजय खाखा, विक्की गुप्ता, शशिकांत नायक राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र जशपुर एवं जिले के सभी विभागों के लगभग 150 अधिकारीगण व कर्मचारी इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए और सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसमें पत्रों का अधिकारियों के बीच संचलन, ड्राफ्ट तैयार करना, नोटशीट निर्माण और पत्र प्रेषण जैसी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार एक पत्र या फाइल विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के पास पहुँचती है और किस तरह उसका निस्तारण किया जाता है। इस अभ्यास से अधिकारियों को डिजिटल माध्यम से कार्य करने की वास्तविक समझ प्राप्त हुई।
सत्र में स्क्क्रक्रक्रह्रङ्ख (स्द्वड्डह्म्ह्ल क्कद्गह्म्द्घशह्म्द्वड्डठ्ठष्द्ग ्रश्चश्चह्म्ड्डद्बह्यड्डद्य क्रद्गश्चशह्म्ह्ल क्रद्गष्शह्म्स्रद्बठ्ठद्द ह्रठ्ठद्यद्बठ्ठद्ग ङ्खद्बठ्ठस्रश2) प्रणाली का भी परिचय कराया गया। यह प्रणाली गोपनीय प्रतिवेदन तैयार करने और उसे सुरक्षित रूप से संधारित करने के लिए विकसित की गई है। अधिकारियों को बताया गया कि स्क्क्रक्रक्रह्रङ्ख के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और व्यवस्थित हो जाएगी। इससे न केवल अधिकारियों के कार्य का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव होगा बल्कि प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी।
इस प्रशिक्षण का महत्व इसलिए भी है क्योंकि जिले में पत्र एवं फाइलों के संचलन को सरल और सुगम बनाने के लिए यह आवश्यक था कि सभी विभागों के अधिकारी एक समान रूप से प्रशिक्षित हों। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से अब फाइलों का संचलन तेज़ी से होगा, समय की बचत होगी और कार्यों में पारदर्शिता आएगी। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी और जनता को सेवाएँ समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जिले के अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ई-ऑफिस और स्क्क्रक्रक्रह्रङ्ख जैसी डिजिटल प्रणालियाँ प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक स्वरूप प्रदान करती हैं। इससे न केवल कार्यप्रवाह में सुधार होगा बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई तकनीकों को अपनाने की तत्परता दिखाई।
कलेक्टोरेट कार्यालय में आयोजित यह प्रशिक्षण सत्र डिजिटल इंडिया के विजऩ को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह पहल प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ जिले में सुशासन की नींव को मजबूत करेगी।
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