० 5000 से अधिक पक्षियों की मौत के बाद अलर्ट,
० परिवहन-खरीदी बिक्री पर रोक, 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय
बिलासपुर, 24 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में 5 हजार से अधिक मुर्गा–मुर्गियों की मौत के बाद जांच कराए गए सैंपल में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से कई अहम निर्देश जारी किए हैं।
पोल्ट्री फार्म में मौजूद पक्षियों, अंडों, दानों और अन्य सामग्री के नष्टिकरण के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें डॉ. आरके गुप्ता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म के 1 किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित जोन और आसपास के 10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस जोन घोषित किया है। इन क्षेत्रों में साइन बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राजस्व, पुलिस, नगरीय प्रशासन और पंचायत विभाग को मिलकर निर्धारित एसओपी के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मृत पक्षियों और अपशिष्टों का जैव सुरक्षा नियमों के अनुसार निपटान किया जा रहा है। फार्म में कार्यरत कर्मचारियों के सैंपल लेकर जांच कराने और आम जनता को लक्षण व बचाव की जानकारी देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। सबसे अहम बात—संक्रमित और निगरानी क्षेत्रों में पोल्ट्री उत्पादों की खरीदी-बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने चेक पोस्ट बनाकर मुर्गा–मुर्गियों के मूवमेंट पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिले में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। पोल्ट्री से जुड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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