रायगढ़, 08 जून (आरएनएस)। रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदनाÓ के तहत लापता बालक-बालिकाओं की खोज में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना धरमजयगढ़ पुलिस ने मुंबई के दादर क्षेत्र से 17 वर्षीय लापता बालिका को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया, वहीं थाना कोतरारोड़ पुलिस ने वर्ष 2022 से लापता नाबालिग बालिका को राजस्थान के डिडवाना जिले से दस्तयाब किया है। मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, विवाह करने और शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों एवं गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत धरमजयगढ़ पुलिस को यह सफलता मिली। जानकारी के अनुसार 24 मई 2026 को एक महिला ने थाना धरमजयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री रात में घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बालिका मुंबई में है। इसके बाद एएसआई मंजू मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम मुंबई रवाना हुई और दादर क्षेत्र में लगातार खोजबीन कर बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में बालिका ने बताया कि पढ़ाई को लेकर घरवालों की डांट-फटकार से नाराज होकर वह घर छोड़कर चली गई थी। ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति से हुई, जिसके साथ वह मुंबई पहुंच गई और वहीं रहने लगी।
रायगढ़ लाने के बाद पुलिस ने बालिका की काउंसलिंग कर उसे सुरक्षा एवं जागरूकता संबंधी आवश्यक जानकारी दी तथा परिजनों को भी बच्चों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद बालिका को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
इसी अभियान के तहत कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई एक अन्य नाबालिग बालिका को राजस्थान के डिडवाना जिले से बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद आरोपी उसे बहला-फुसलाकर राजस्थान ले गया था, जहां उसने नाबालिग से विवाह कर उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि लापता बच्चों और महिलाओं की त्वरित खोजबीन कर उनकी सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी सराहना की गई।
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