० खाद, बीज और कृषि ऋण की बेहतर व्यवस्था से किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल
० सहकारी समितियों में लगातार जारी वितरण
जशपुरनगर, 24 जून (आरएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में जशपुर जिले में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिले में खाद एवं बीज वितरण का कार्य सुचारू रूप से जारी है, जिससे किसानों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है और उनकी खेती की लागत में कमी आने के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शासन द्वारा निर्धारित रियायती दरों पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रति बोरी यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1350 रुपये, सुपर फॉस्फेट पाउडर 551 रुपये, सुपर फॉस्फेट दानेदार 591 रुपये, जिंकेटेड सुपर फॉस्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1300 रुपये, एनपीके 1850 से 1990 रुपये, पोटाश 1975 रुपये, नैनो यूरिया 500 एमएल प्रति बोतल 225 रुपए तथा नैनो डीएपी 600 रुपए की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जशपुर के महाराजा चौक स्थित सहकारी समिति सहित जिले की विभिन्न समितियों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान खाद एवं बीज लेने पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि शासन की इस व्यवस्था से उन्हें खेती के लिए आवश्यक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो रही है और बाजार पर निर्भरता भी कम हुई है।
किसानों ने जताया संतोष –
खाद लेने पहुंचे किसान रहमान साह ने बताया कि शासन की इस व्यवस्था से उन्हें खेती में काफी सुविधा मिल रही है। पहले कृषि कार्यों के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब उचित दर पर खाद मिलने से आर्थिक बोझ कम हुआ है। उन्होंने कहा कि खेती के लिए अब उन्हें ऋण या ब्याज पर पैसे लेने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। इसी प्रकार सारूडीह के किसान गिरधारी यादव ने बताया कि पहले खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री के लिए विभिन्न दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे तथा अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी। अब सहकारी समितियों के माध्यम से आवश्यक सामग्री आसानी से और उचित मूल्य पर उपलब्ध हो रही है। इससे खेती की लागत कम हुई है और किसानों को आर्थिक राहत मिली है।
किसानों की सुविधा शासन की प्राथमिकता –
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि ऋण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं अन्य योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा रहा है। शासन की इस पहल से किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर मिल रहे हैं, जिससे खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
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