कबीरधाम 10 जुलाई (आरएनएस) सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कबीरधाम पुलिस ने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रति आमजन और पुलिस बल को जागरूक करने के उद्देश्य से न्यू पुलिस लाइन सभागार में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट, स्काउट-गाइड और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
यह आयोजन पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि नए आपराधिक कानून देश की न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव हैं। उन्होंने कहा कि कानूनों की सही जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचना जरूरी है, जिससे लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने का भी आह्वान किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि नवीन कानूनों में डिजिटल साक्ष्य, तकनीकी अनुसंधान और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने विवेचना अधिकारियों से नए प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन कर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को मजबूत बनाने की अपील की।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल ने कहा कि कानूनों की जानकारी केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों तक पहुंचना आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित और सशक्त समाज की मजबूत नींव होते हैं।
शिविर में जिला अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, विवेचना प्रक्रिया में हुए बदलाव तथा न्यायिक प्रक्रिया पर उनके प्रभाव की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से कानूनों को समझाते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग, नागरिक अधिकारों, पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे नवीन कानूनों की जानकारी अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग विधिक रूप से जागरूक बन सकें। कबीरधाम पुलिस का यह अभियान कानून के प्रति जनविश्वास बढ़ाने, विधिक साक्षरता को प्रोत्साहित करने और पुलिस तथा आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




