एमसीबी, 18 जुलाईं (आरएनएस)। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला पुलिस ने विवेचना की गुणवत्ता में सुधार और न्यायालय में दोषमुक्ति की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार में कानून विशेषज्ञों ने भारतीय न्याय संहिता और विशेष अधिनियमों से जुड़े मामलों की प्रभावी विवेचना के लिए महत्वपूर्ण कानूनी और व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यक्रम का आयोजन सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा (आईपीएस) तथा एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (आईपीएस) के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक भी उपस्थित रहे।
सेमिनार में जिला लोक अभियोजन अधिकारी , अतिरिक्त जिला लोक अभियोजकों एवं सहायक शासकीय अधिवक्ताओं ने विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, दस्तावेजों के सही संधारण और न्यायालय में अभियोजन को मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए आवश्यक कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान जिले के थाना एवं चौकी प्रभारियों सहित विवेचकों ने विभिन्न कानूनी और व्यावहारिक विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका कानूनविदों ने विस्तार से समाधान किया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विवेचना की गुणवत्ता बेहतर होगी और न्यायालय में दोषसिद्धि की संभावना भी बढ़ेगी।
सेमिनार में जिला लोक अभियोजन अधिकारी एच.के. पाण्डेय, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक प्रमोद केरकेट्टा, सौरभ समाया, फकीर चंद और जितेन्द्र कुमार, सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल दास, कैलाश विश्वकर्मा तथा विशेष एजीपी घनश्याम राय ने अपने अनुभव साझा किए।
पुलिस विभाग की ओर से नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) चिरमिरी दीपिका मिंज, एसडीओपी जनकपुर अलेक्सियस टोप्पो, विभिन्न थाना प्रभारियों सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी तथा उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर के विवेचक सेमिनार में शामिल हुए।
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