(रायपुर) खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई11/04/2026 9:41 PM
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देखा स्वार्म ड्रोन और आईएसआर तकनीक का दम, कहा-दुश्मन की हर हरकत पर होगी पैनी नजर11/04/2026 9:09 PM
महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल का हेलीकॉप्टर कार पार्किंग क्षेत्र में उतरा, मचा हड़कंप11/04/2026 9:08 PM
अंतरराष्ट्रीय (मॉस्को)रूस का बड़ा फैसला, 4 महीने तक नहीं बेचेगा पेट्रोल, इन देशों पर होगा सबसे ज्यादा असरBy sunil pandey29/03/2026 4:40 PM0
अंतरराष्ट्रीय (तेहरान)ईरान का बड़ा दावा: दुबई में अमेरिकी ठिकाने कर दिए तबाह; पड़ोसी देशों को दी चेतावनीBy sunil pandey29/03/2026 4:40 PM0
अंतरराष्ट्रीय (सियोल)मिडल ईस्ट तनाव के बीच किम जोंग ने किया नई सुपर-पावर मिसाइल इंजन का परीक्षण, अमेरिका तक मार की क्षमताBy sunil pandey29/03/2026 4:39 PM0
अंतरराष्ट्रीय (तेहरान)नर्क में आपका स्वागत है… अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर ईरानी मीडिया की चेतावनीBy sunil pandey29/03/2026 4:39 PM0
अंतरराष्ट्रीय (वॉश्ंिागटन)ताज उतारो जोकर… कोई राजा नहीं! अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सबसे बड़ी बगावत, 90 लाख लोग उतरे सड़कों परBy sunil pandey29/03/2026 4:35 PM1
अंतरराष्ट्रीय (सिडनी)मध्य पूर्व संकट के बीच ऑस्ट्रेलिया का बड़ा कदम, एंथोनी अल्बानीज सरकार देगी ईंधन खरीद की गारंटीBy sunil pandey28/03/2026 5:30 PM0
अंतरराष्ट्रीय (तेहरान)ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर तीसरी बार हुआ हमला, आईएईए की चेतावनी- बहुत बुरा होगा अंजामBy sunil pandey28/03/2026 5:29 PM0
अंतरराष्ट्रीय (वॉश्ंिागटन)वेनेजुएला और ईरान के बाद तैयार है ट्रंप का अगला टारगेट, बोले- इस देश को आजाद कराऊंगा या कब्जा करूंगाBy sunil pandey28/03/2026 5:28 PM0
अंतरराष्ट्रीय (मॉस्को)रूस 1 अप्रैल से नहीं बेचेगा पेट्रोल, 31 जुलाई तक लगाई रोक; देश में कीमतें न बढ़ें इसलिए लिया फैसला मॉस्को ,28 मार्च,। वैश्विक तेल बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच रूस ने बड़ा कदम उठाते हुए 1 अप्रैल से पेट्रोल (गैसोलीन) के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि रूसी सरकार ने कर दी है। रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने शुक्रवार को ऊर्जा मंत्रालय को निर्देश जारी करते हुए 1 अप्रैल से पेट्रोल निर्यात पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। रूसी समाचार एजेंसी ञ्ज्रस्स् के मुताबिक, यह प्रतिबंध चार महीने यानी 31 जुलाई तक लागू रह सकता है। सरकार के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल और पेट्रोलियम बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है। इससे कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, रूस ने यह भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी ऊर्जा संसाधनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चे तेल का रिफाइनिंग स्तर पिछले वर्ष जैसा ही बना हुआ है, जिससे घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति स्थिर रहेगी। इस फैसले के पीछे घरेलू कारण भी अहम हैं। पिछले साल रूस और उसके नियंत्रण वाले यूक्रेन के कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल की कमी देखने को मिली थी। उस दौरान यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज कर दिए गए थे, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके साथ ही, एक अवधि में घरेलू ईंधन मांग चरम पर पहुंच गई थी। इन परिस्थितियों ने सरकार को सतर्क कर दिया, और अब वह किसी भी संभावित कमी से बचने के लिए निर्यात पर रोक लगा रही है। यह पहली बार नहीं है जब रूस ने ईंधन निर्यात पर सख्ती दिखाई है। घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार पहले भी पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा चुकी है। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, रूस ने पिछले वर्ष करीब 50 लाख मीट्रिक टन पेट्रोल का निर्यात किया था, जो औसतन लगभग 1,17,000 बैरल प्रतिदिन के बराबर है। इस बड़े हिस्से को अंतरराष्ट्रीय बाजार से हटाकर घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित रखना ही इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है। 00 (वॉश्ंिागटन)वेनेजुएला और ईरान के बाद तैयार है ट्रंप का अगला टारगेट, बोले- इस देश को आजाद कराऊंगा या कब्जा करूंगा वॉशिंगटन ,28 मार्च,। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। मियामी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान और वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा की बारी हो सकती है। हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका क्यूबा के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई कर सकता है, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि मजबूत सेना का इस्तेमाल कभी-कभी करना पड़ता है। वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने के बाद क्यूबा पहले से ही गहरे आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। ट्रंप के हालिया बयानों ने वहां की सरकार की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। अपनी सैन्य ताकत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, मैंने एक विशाल सेना बनाई है। मैंने कहा था कि आपको इसका उपयोग कभी नहीं करना पड़ेगा, लेकिन कभी-कभी करना पड़ता है। वैसे, क्यूबा अगला है। ट्रंप ने क्यूबा की स्थिति को फ्रेंडली टेकओवर (मैत्रीपूर्ण अधिग्रहण) की संभावना के रूप में भी पेश किया, हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालात इसके विपरीत दिशा में भी जा सकते हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास द्वीप के साथ कुछ भी करने की क्षमता है और वे इसे आजाद करने या कब्जा करने का अवसर प्राप्त करना चाहते हैं। हाल के घटनाक्रमों में, वेनेजुएला में अमेरिकी समर्थित कार्रवाई के बाद मादुरो के सत्ता से हटने से क्यूबा को मिलने वाली तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। वेनेजुएला लंबे समय से क्यूबा का प्रमुख ईंधन आपूर्तिकर्ता रहा है। आपूर्ति रुकने से क्यूबा में बिजली संकट और आवश्यक वस्तुओं की कमी गहरा गई है, जिससे वहां की स्थिति और गंभीर हो गई है। कड़े बयानों के बावजूद, राजनयिक विकल्प अभी भी खुले हुए हैं। *न्यूयॉर्क टाइम्स* की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों और क्यूबा नेतृत्व के बीच बातचीत जारी है। अमेरिका का प्रमुख उद्देश्य क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कानेल को पद से हटाना बताया जा रहा है। डियाज़-कानेल ने भी वॉशिंगटन के साथ बातचीत की पुष्टि की है, क्योंकि हवाना फिलहाल किसी भी सीधे सैन्य टकराव से बचने की कोशिश कर रहा है। 00 (तेहरान)ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर तीसरी बार हुआ हमला, आईएईए की चेतावनी- बहुत बुरा होगा अंजाम तेहरान ,28 मार्च,। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर शुक्रवार देर रात एक बार फिर से प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच शुरू हुए संघर्ष के बीच प्लांट पर ये तीसरा ऐसा हमला है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने चेतवानी दी है कि अभी हमलों में नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अगर बार-बार न्यूक्लियर ठिकाने पर हमले होते रहे, तो इसका अंजाम बहुत बुरा हो सकता है। हालांकि, ताजा हमले में किसी के हताहत होने, सामान के नुकसान या तकनीकी रुकावट की कोई खबर नहीं है। वहीं ईरानी संगठन ने इसके लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया गया है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि ईरान ने उसे हमले के बारे में बताया था। आईएईए के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने फिर से गहरी चिंता जताई और न्यूक्लियर एक्सीडेंट के खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा सैन्य नियंत्रण की अपील की। आईएईए हालात पर करीब से नजर रख रहा है, ईरानी अधिकारियों के साथ सहयोग करके सेफ्टी उपायों को वेरिफाई कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी न्यूक्लियर मटीरियल सुरक्षित रहें। ये नए हमले सैन्य तनाव से प्रभावित इलाकों में न्यूक्लियर और इंडस्ट्रियल फैसिलिटी के लिए बढ़ते खतरों को दिखाते हैं। हालांकि खोंडाब हेवी वॉटर प्लांट और खुजेस्तान स्टील फैक्ट्री दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर रेडियोएक्टिव मटीरियल वाली फैसिलिटी को बार-बार टारगेट किया गया तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। इजरायल की राष्ट्रीय इमरजेंसी सेवा मैगन डेविड एडोम (एमडीए) और इजरायल पुलिस ने बताया कि ईरान से लॉन्च की गई मिसाइल से इजरायल के सेंट्रल शहर तेल अवीव में करीब 60 साल के एक आदमी की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, यह घटना एक फैलने वाली क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल से जुड़ी थी, जिसने शुक्रवार रात (लोकल टाइम) तेल अवीव मेट्रोपॉलिटन एरिया में कई जगहों पर हमला किया। पुलिस ने आगे बताया कि मरने वाला एक कंस्ट्रक्शन वर्कर था, जिसे मिसाइल से लॉन्च हुए क्लस्टर म्यूनिशन के छर्रे लगे और मिसाइल उसके पास ही फट गई। एमडीए ने यह भी बताया कि मिसाइल लगने से दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। 00 (सिडनी)मध्य पूर्व संकट के बीच ऑस्ट्रेलिया का बड़ा कदम, एंथोनी अल्बानीज सरकार देगी ईंधन खरीद की गारंटी सिडनी ,28 मार्च,। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से ऑस्ट्रेलिया भी प्रभावित हुआ है। तेल संकट जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई सरकार कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकार ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से प्रभावित आवश्यक वस्तुओं की खरीद को सुरक्षित करने के लिए नए ईंधन सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज और ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने सिडनी में पत्रकारों को बताया कि सरकार सोमवार को संघीय संसद में एक विधेयक पेश करेगी। यह विधेयक मौजूदा निर्यात क्रेडिट एजेंसी को निजी क्षेत्र की ओर से ईंधन, उर्वरक और अन्य जरूरी चीजों की खरीद की गारंटी देने की अनुमति देगा। अल्बानीज ने कहा, सीधे शब्दों में कहें तो, हम ‘एक्सपोर्ट फाइनेंस ऑस्ट्रेलियाÓ का इस्तेमाल करके जहाजों में भरकर आने वाले ईंधन की खरीद की गारंटी देंगे। इससे ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की आपूर्ति बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से मिलने वाला यह समर्थन कोई सामान्य कारोबारी प्रक्रिया नहीं होगी। इसके तहत सिर्फ वही अतिरिक्त आपूर्ति शामिल होगी, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इन नए उपायों से उन आयातकों का वित्तीय जोखिम कम होगा जो अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआÓ की रिपोर्ट के अनुसार, ये उपाय ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब पूरे ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और क्षेत्रीय इलाकों में इसकी भारी किल्लत हो रही है। बोवेन ने बताया कि शनिवार तक ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय भंडार में 39 दिनों का पेट्रोल, 30 दिनों का डीजल और 30 दिनों का जेट ईंधन मौजूद था। इससे पहले, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने शुक्रवार को कहा कि अल्पावधि में ऑस्ट्रेलिया की ईंधन आपूर्ति की स्थिति अच्छी नजर आ रही है, लेकिन आने वाले महीनों में हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं। देश के सामने गहराते ईंधन संकट को लेकर कैनबरा स्थित संसद भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अल्बानीज ने कहा कि सरकार ‘दिन-रात काम कर रही हैÓ, ताकि एक मजबूत योजना तैयार की जा सके और भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार व तत्पर रहा जा सके। अल्बानीज ने मलेशिया (जो ऑस्ट्रेलिया को तेल की आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख देश है) और व्यापक आसियान क्षेत्र के साथ अपने सकारात्मक संवादों का भी जिक्र किया। अल्बानीज सोमवार को ईंधन संकट के मुद्दे पर राष्ट्रीय कैबिनेट की एक बैठक भी बुलाएंगे। इससे पहले, विपक्ष के नेता एंगस टेलर ने सरकार से अपील की कि वह तीन महीने के लिए ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को अस्थायी तौर पर आधा कर दे। 00By sunil pandey28/03/2026 5:28 PM1
अंतरराष्ट्रीय (इस्लामाबाद)ईरान से तनाव के बीच सुलह की कोशिश, पाकिस्तान जा सकते हैं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंसBy sunil pandey27/03/2026 4:28 PM2