नई टिहरी,13 नवंबर (आरएनएस)। प्रतापनगर ब्लाक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए दो माह का समय देते हुए यूकेडी ने धरना 8वें दिन समाप्त कर दिया है। इस मौके पर उन्होंने तहसीलदार आनंद पाल के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सीएचसी चौंड में विशेषज्ञ डाक्टरों को शीघ्र नियुक्त करने की मांग भी की। यूकेडी ने कहा कि दो माह में यदि स्थिति न सुधारी गई तो, वृहत आंदोलन को अंजाम दिया जायेगा। आठवें दिन स्वास्थ्य केंद्र चौण्ड में चल धरना-प्रदर्शन इसके साथ ही स्थगित हो गया। इस मौके पर यूकेडी के प्रतापनगर ब्लाक के अध्यक्ष रामदेव ने कहा की प्रतापनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर खुले रैफर सेंटरों को शासन प्रशासन दो महीनों में सुदृढ़ करे। इसके लिए राज्यपाल को ज्ञापन भेज दिया गया है। दो माह मे यदि स्थिति न सुधरी तो आंदोलन के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा। यूकेडी ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सीएचसी चौंड में हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, आई, दांत और बाल रोग विशेषज्ञ की प्राथमिकता से तैनाती के साथ ही समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो 108 वाहनों की व्यवस्था, प्रत्येक पीएचसी में खुशियों की सवारी की व्यवस्था, आधुनिक एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा, पदों के सापेक्ष स्टाफ नर्सों की तैनाती की मांग की है। इस मौके पर राकेश असवाल, भरत चंद रमोला, सोदन कुडिय़ाल, नारायण सिंह राणा , नागेंद्र सिंह, हेमराज कलूड़ा आदि मौजूद रहे। दूसरी ओर घनसाली और पीएचसी पिलखी में भिलंगना ब्लाक की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर 20वें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। पिलखी में आंदोलनकारियों ने पूर्व में मृत प्रसूताओं के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के साथ ही उप जिला अस्पताल एवं पिलखी को सीएचसी में उच्चीकृत करने की मांग दोहराई। जबकिघनसाली में सर्वदलीय स्वास्थ्य संघर्ष समिति ने 7 सूत्रीय जनाधिकार मांग पत्र जारी किया। जिसमे उन्होंने सीएचसी बेलेश्वर एवं पीएचसी पिलखी में विशेषज्ञ चिकत्सकों की नियुक्ति एवं स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने, उप जिला अस्पताल की स्थापना करने, मृतक अनीशा रावत, रवीना कठैत एवं पूरब सिंह रावत की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच एवं परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने, मरीजों को बेस अस्पताल श्रीनगर के बजाय एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर करने, पोस्ट मार्टम केंद्र की स्थापना के साथ ही सीमांत क्षेत्र के सभी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की। दोनों जगह धरने पर बैठने वालों में भीमलाल आर्य ,जसवीर नेगी, शूरवीर लाल, कैलाश बडोनी, प्रताप सजवान, देव सिंह बिष्ट, अनुज लाल शाह, विक्रम घनाता, संदीप आर्य, अजय कंसवाल, विनोद लाल शाह आदि शामिल रहे।
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