लखनऊ 14 नवंबर (आरएनएस ) अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत 72वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह का शुभारम्भ आज लखनऊ के चौधरी चरण सिंह सभागार में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही तथा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता जेपीएस राठौर ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के सभापति जितेन्द्र बहादुर सिंह ने की।इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि महात्मा बुद्ध के कथन संघे शक्ति कलियुगे का वास्तविक स्वरूप सहकारिता में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सहकारिता विभाग की स्थिति बेहद दयनीय थी, लेकिन योगी सरकार बनने के बाद विभाग में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। किसानों का भरोसा सहकारिता तंत्र में लगातार बढ़ा है और विभाग प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से सहकारिता प्रणाली में पारदर्शिता आई है। आज किसानों को खाद उपलब्धता, खातों में धन हस्तांतरण और बैंकिंग सुविधाएँ पहले से अधिक सरल, सुरक्षित और तेज़ हुई हैं। सहकारी बैंकों की स्थिति भी मजबूत हुई है और अब किसान वहाँ धन जमा कर रहे हैं।राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में सहकार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। बी-पैक्स सदस्यता महा अभियान 2025 के तहत अब तक 20 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े हैं और 38.47 लाख रुपये का अंशधन संकलित किया गया है। जिला सहकारी बैंकों में 457 करोड़ रुपये की जमा राशि सहकारिता व्यवस्था में जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है।कार्यक्रम में सहकार सारथी पहल का भी उल्लेख किया गया। इस पहल के तहत सहकारी बैंकों को इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एईपीएस और ई-केवाईसी जैसी डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सी-फिनटेक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म (सीएफटीपी) की स्थापना की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक ने 5.22 करोड़ रुपये का इक्विटी योगदान किया है।सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त करने की दिशा में एम-पैक्स में क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। इससे किसान और उपभोक्ता मोबाइल स्कैन के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे, जिससे लेन-देन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होगा। राज्य में 5686 एम-पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन भी तेज़ी से प्रगति पर है, जिससे सहकारी समितियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी।उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक देश का पहला सहकारी बैंक है जिसे यूआईडीएआई द्वारा आधार कार्ड बनाने हेतु अधिकृत किया गया है। बैंक ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करते हुए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ बनाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बैंक ने 100.24 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया और इसकी सभी 40 शाखाएँ लाभ में रहीं।कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सहकारिता सौरभ बाबू, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता अनिल कुमार सिंह, यूपीसीबी के प्रबंध निदेशक आर.के. कुलश्रेष्ठ, नाबार्ड की वरिष्ठ अधिकारी नंदिनी घोष व रिचा बाजपेई, तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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