बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित हुई जनजातीय गौरव दिवस पर संगोष्ठी
बाराबंकी 14 नवंबर (आरएनएस )। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वाधान में शुक्रवार को जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी आयोजित की गई।जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए आरएसएस के जिला प्रचारक रवि प्रकाश ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के गौरव, जननायक और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ आवाज उठाकर समाज में जागरूकता की अलख जगाई।उनके विचार आज भी समाज को एकता, परिश्रम और आत्मसम्मान से जीने का संदेश देते हैं।उन्होंने पंच परिवर्तन के जरिए सामाजिक परिवर्तन की बात कही। बतौर प्रवासी बोलते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री पुष्पेंद्र बाजपेई ने कहा कि बिरसा मुंडा स्वाधीनता के पक्षधर थे। जिन्होंने अपना देश-अपना राज का नारा देकर अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की जयंती देशवासियों के लिए गौरव का दिन है। बिरसा मुंडा का जीवन अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष की अल्पायु में बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ न केवल विद्रोह किया, बल्कि समाज में धर्मांतरण, भेदभाव और शोषण के खिलाफ एक सशक्त आंदोलन चलाया था,जिसके चलते आदिवासी समाज ने उन्हें धरती आबा (धरती का पिता) एवं भगवान की उपाधि दी। प्रोफेसर विजय कुमार वर्मा ने आभार ज्ञापित किया। विभाग छात्र प्रमुख प्रांशी बाजपेई ने संचालन किया।इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री आकाश शुक्ला, विभाग प्रमुख पीजे पाण्डेय, प्रोफेसर शार्दुल विक्रम सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर अनीता सिंह, विजय आनंद बाजपेई, प्रोफेसर दरख्शां शहनाज़, प्रोफेसर अनुपमा श्रीवास्तव, डॉ अर्चना सिंह, डॉ रीना सिंह, डॉ हेमंत सिंह, डॉ राहुल यादव, डॉ ऋषिकेश कुमार तिवारी, विजय कुमार त्रिपाठी, इकाई अध्यक्ष आशीष मिश्रा, इकाई मंत्री शिवम् वर्मा, योगेश सिंह, पूर्णेंदु चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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