रायपुर, 1६ नवम्बर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मठपुरैना वार्ड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एक एटीएम बूथ में कागजी कचरा बिखरा रहने से नागरिकों में नाराजग़ी है। यह बूथ एक छोटे से कमरे में बना है और आज सुबह ली गई तस्वीर में अंदर जगह–जगह फैला कचरा साफ दिखाई देता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि यहां अक्सर इसी तरह गंदगी रहती है, जिससे पैसे निकालने आने वालों का मन खिन्न हो जाता है।
बूथ की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह पता ही नहीं चलता कि सफाई कब और कौन करता है। सुरक्षा के नाम पर बूथ के बाहर कोई गार्ड भी नजऱ नहीं आता। अनुमान लगाया जा रहा है कि बूथ छोटा होने के कारण गार्ड की तैनाती नहीं की गई होगी, लेकिन वजह चाहे जो भी हो—यह स्थिति बैंक प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाती है। आखिरकार मशीन में पैसे डालने बैंक का कर्मचारी तो आता ही है, ऐसे में सफाई पर ध्यान देना आवश्यक है।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि डिजिटल युग में लगभग हर व्यक्ति एटीएम कार्ड का उपयोग करता है। ऐसे में मोहल्लों में एटीएम बूथ होना तो सुविधाजनक है, लेकिन बूथ पर्याप्त बड़े, साफ-सुथरे और सुरक्षित भी होने चाहिए। कचरा फैलने के लिए जहां एक ओर बैंक की सफाई व्यवस्था जि़म्मेदार है, वहीं नागरिकों का व्यवहार भी अहम है। कई लोग एटीएम से पैसे निकालने के बाद निकली पर्ची को बूथ के भीतर ही फेंक देते हैं। बूथ में रखा छोटा-सा डस्टबिन पूरी तरह भरा था और बाहर एटीएम स्लिप्स के साथ कई तरह के बेकार कागज़ बिखरे पड़े थे। हालांकि शहर के सभी बूथों की यही स्थिति नहीं है—कई जगहों पर एटीएम अत्यंत साफ-सुथरे और व्यवस्थित भी पाए जाते हैं। नागरिकों ने बैंक प्रबंधन से अनुरोध किया है कि इस बूथ की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर तत्काल ध्यान दिया जाए, ताकि उपयोगकर्ताओं को असुविधा न हो और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनी रहे।
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