रौनक कुमार शंकर
पश्चिम मेदिनीपुर। जिले के खड़गपुर शहर में चर्चित “जूता कांड” एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। वरिष्ठ वामपंथी नेता अनिल दास पर कथित हमले और सार्वजनिक अपमान के मामले में अब उनकी पत्नी सुस्मिता दास ने राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष से न्याय की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि 30 जून 2025 को खड़गपुर के खरीदार इलाके की व्यस्त सड़क पर तत्कालीन “दल बदलू” तृणमूल नेता बेबी कोले पर आरोप लगा था कि उन्होंने वरिष्ठ वाम नेता अनिल दास को सार्वजनिक रूप से जूते से पीटा और उन पर नीला रंग फेंका। घटना के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। तृणमूल कांग्रेस ने बेबी कोले को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। घटना के बाद अनिल दास ने खड़गपुर टाउन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला अदालत तक पहुंचा, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के आरोपों के बीच बेबी कोले को अग्रिम जमानत मिल गई। दूसरी ओर, बेबी ने भी अनिल दास के खिलाफ प्रताड़ना और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पीड़ित परिवार ने फिर न्याय की मांग उठाई है। अनिल दास की पत्नी सुस्मिता दास ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मंत्री दिलीप घोष को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण अब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में उन्होंने याद दिलाया कि घटना के दो दिन बाद ही दिलीप घोष उनके घर पहुंचे थे और घटना की निंदा की थी। अब उन्होंने बेबी कोले समेत इस मामले में कथित रूप से शामिल तीन अन्य तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वरिष्ठ वाम नेता अनिल दास ने कहा, “दिनदहाड़े सड़क पर मुझ पर हमला हुआ, मुझे जूतों से पीटा गया और शरीर पर रंग फेंका गया। इतना बड़ा अपमान होने के बावजूद आज तक न्याय नहीं मिला। अब राज्य में सरकार बदल चुकी है, उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा कि वह स्वयं मंत्री दिलीप घोष से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देना चाहते हैं। इस मामले पर शुक्रवार को मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उस समय तृणमूल की सरकार थी और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब उम्मीद है कि पुलिस पुराने मामलों में सही कदम उठाएगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।” राजनीतिक हलकों में चर्चा इस बात को लेकर भी तेज है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बेबी कोले ने एक बार फिर अपना राजनीतिक रुख बदलना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने तृणमूल से जुड़े पोस्ट हटाकर भाजपा नेताओं के समर्थन में पोस्ट करना शुरू कर दिया है।
फिलहाल खड़गपुर की राजनीति में यह मामला फिर से सुर्खियों में है और सभी की नजर अब प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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